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खराब होते रिश्तों के बीच जल्द आ सकती है बड़ी खुशखबरी, ट्रेड डील पर बातचीत के लिए अमेरिकी अधिकारी पहुंचे भारत

by | Sep 15, 2025 | दुनिया, देश

India America Trade deal : भारत और अमेरिका के बीच जल्द ही एक महत्वपूर्ण व्यापारिक समझौता हो सकता है. खबर है कि अमेरिकी अधिकारी सोमवार रात को भारत पहुंच चुके हैं और मंगलवार को दोनों देशों के बीच व्यापारिक वार्ता होने वाली है. इस बातचीत के दौरान दोनों देशों के बीच व्यापारिक रिश्तों में सुधार और विवादों को सुलझाने पर चर्चा की संभावना है. हालांकि, इस बात का खुलासा नहीं हुआ है कि टैरिफ वॉर के बीच दोनों देशों के बीच बातचीत कितनी आगे बढ़ी है.

ट्रेड डील पर मंगलवार को होगी महत्वपूर्ण बैठक

भारत ने स्पष्ट रूप से यह संकेत दिया है कि वह अपने किसानों के हितों से किसी भी तरह का समझौता नहीं करेगा. वहीं,अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने लगातार भारत से अच्छे व्यापारिक संबंधों की बात की है. एक सरकारी अधिकारी ने बताया कि अमेरिकी वार्ताकार,जिन्हें नेगोशिएटर भी कहा जा रहा है,भारत पहुंच चुके हैं और व्यापारिक मुद्दों पर चर्चा के लिए मंगलवार को महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जाएगी. यह वार्ता उस समय हो रही है,जब ट्रंप प्रशासन ने भारत पर 50 फीसदी शुल्क लगा दिया है और साथ ही रूसी तेल की खरीद को लेकर भी भारत को धमकियां दी जा रही हैं.

हाल ही में भारतीय अधिकारियों की मुलाकात

भारत में अमेरिका के राजदूत,विनय मोहन क्वात्रा ने हाल ही में अमेरिकी सांसदों के साथ द्विपक्षीय व्यापार संबंधों पर महत्वपूर्ण बैठक की थी. इस दौरान उन्होंने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में आपसी हितों के मुद्दों और यूक्रेन संघर्ष पर भारत के समर्थन की बात की. क्वात्रा ने बताया कि हमने अमेरिका के साथ व्यापार साझेदारी और ऊर्जा सहयोग में हाल के घटनाक्रमों पर चर्चा की और आपसी हितों को लेकर अपने विचार साझा किए. यह बैठक भारत और अमेरिका के रिश्तों में बढ़ते तनाव के बीच हुई, खासकर अमेरिका द्वारा रूस से तेल खरीदने को लेकर भारत पर दबाव बनाने के बाद.

जी7 देशों पर ट्रंप का दबाव

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जी7 देशों से रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर शुल्क लगाने का अनुरोध किया है. अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट और व्यापार प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीर ने जी7 के वित्त मंत्रियों के साथ बातचीत की और राष्ट्रपति ट्रंप के इस आह्वान को साझा किया. ट्रंप ने इन देशों से अपील की है कि वे रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर 50 से 100 फीसदी शुल्क लगाएं. भारत और चीन दोनों ही रूस से तेल के बड़े खरीदार हैं. हालांकि,ट्रंप ने चीन का नाम लेते हुए खासतौर पर NATO देशों से यह अपील की है कि वे चीन पर शुल्क लगाएं,लेकिन भारत के संदर्भ में उन्होंने अब तक कोई खास कदम नहीं उठाया है.

भारत का कड़ा रुख

भारत ने स्पष्ट किया है कि वह अमेरिका और यूरोपीय संघ की आलोचना के बावजूद रूस से तेल खरीदने का अपना अधिकार बरकरार रखेगा, क्योंकि कई पश्चिमी देश भी रूस के साथ व्यापार कर रहे हैं, लेकिन केवल भारत को निशाना बनाया जा रहा है. भारत और अमेरिका के बीच इस व्यापारिक वार्ता का परिणाम दोनों देशों के रिश्तों को प्रभावित कर सकता है, खासकर तब जब दोनों देशों के बीच शुल्क युद्ध और ऊर्जा सुरक्षा से संबंधित मुद्दों पर तनाव बढ़ रहा है.

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