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आचार्य प्रमोद कृष्णम ने अविमुक्तेश्वरानंद पर लगाया राजनीति करने का आरोप, कहा- उन्हें यूपी में नहीं जम रही योगी सरकार

Acharya pramod krishnam’s interview: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज माघ मेले में धरने पर बैठे स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद शंकराचार्य को लेकर आचार्य प्रमोद कृष्णम का बड़ा बयान सामने आया है। आचार्य प्रमोद कृष्णम ने न्यूज़ इंडिया 24X7 को दिए एक इंटरव्यू में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का जिक्र करते हुए पूछा आपका मुद्दा क्या है? उन्होंने कहा कि प्रयागराज में लॉ एंड ऑर्डर को कंट्रोल करने कि जिम्मेदारी लोकल पुलिस प्रशासन की है। लेकिन वहां पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद द्वारा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर बयान देना ठीक नहीं है। इससे समझा जा सकता है कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को प्रदेश में योगी सरकार कुछ जम नहीं रही।

आचार्य प्रमोद ने काशी और प्रयागराज घटना की तुलना की

आचार्य प्रमोद कृष्णम ने अपने इंटरव्यू में काशी और प्रयागराज की कार्रवाई की तुलना की। उन्होंने कहा कि काशी में 23 सितंबर 2015 को अखिलेश सरकार में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर लाठियां बरसाई गईं थीं। पुलिस ने तमाम शिष्यों को दौड़ाकर पीटा था लेकिन प्रयागराज में ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि फिर भी अविमुक्तेश्वरानंद प्रयागराज प्रशासन के रवैये को अपमानजक बता रहे हैं।

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर लगा राजनीति करने का आरोप

इंटरव्यू में आचार्य प्रमोद कृष्णम ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर अपने मुद्दे की राजनीति करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा, “अविमुक्तेश्वरानंद उन मुद्दों पर बोलते हैं जो उनके निहितार्थ होती। यह उनके दोहरे चरित्र को दिखाता है।” उन्होंने कहा कि राम मंदिर शिलान्यास के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी गए तब भी अविमुक्तेश्वरानंद ने यह कह कर विरोध जताया था कि वह शिलान्यास क्यों कर रहे हैं?

2027 का चुनाव भारत के भविष्य का चुनाव होगा

आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा कि उत्तर प्रदेश में 2027 का चुनाव सामान्य ना होकर देश के भविष्य का चुनाव होगा। जो सिर्फ एक सूबे का मुस्तकबिल तय नहीं करेगा बल्कि ये भारत के भविष्य का चुनाव होगा। उन्होंने आगे कहा कि यह चुनाव ठीक उसी तरह होगा जिस तरह द्वापर युग में कुरुक्षेत्र के मैदान में महाभारत हुआ था। एक तरफ वह ताकतें होंगी जो सनातन को मिटाना चाहती हैं। सनातन को विभाजित करना चाहती हैं और दूसरी तरफ वे होंगे जो सनातन के लिए बलिदान देने को तैयार होंगे।

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