Automatic Weather Stations: देश में मौसम विज्ञान की नई क्रांति शुरू होने जा रही है। केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि साल 2026 में भारत के चार प्रमुख शहर दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और पुणे में कुल 200 ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। हर शहर में 50-50 ऐसे आधुनिक स्वचालित मौसम केंद्र लगाए जाएंगे, जिनसे अचानक आने वाली तेज बारिश, आंधी-तूफान, गर्मी और अन्य खतरनाक मौसम की पहले से चेतावनी मिल सकेगी।
सही ट्रैक बताने की क्षमता बढ़ी
डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि पिछले 10 सालों में भारत में मौसम पूर्वानुमान की सटीकता में काफी सुधार हुआ है। आंकड़ों के मुताबिक मौसम पूर्वानुमान की सटीकता अब 40-50% तक बढ़ गई है, जबकि चक्रवात का सही ट्रैक बताने की क्षमता 35-40% बेहतर हुई है। मासिक और मौसमी पूर्वानुमान में अब गलती केवल 2.5% रह गई है, जो पहले 7.5% थी।
IMD की ताकत में बढ़ोतरी
पिछले 10 साल में मौसम राडार की संख्या लगभग तीन गुना बढ़ गई है। अब देश के 87% क्षेत्रों में राडार के जरिए बारिश, हवा, सूर्य की किरणों और अन्य मौसम स्थितियों पर नजर रखी जा रही है। 3 घंटे की छोटी अवधि के लिए भी मौसम की सटीक जानकारी देने में सक्षम IMD अब नागरिक सुरक्षा, कृषि, हवाई यात्रा और शहर नियोजन के लिए बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
नई तकनीक और परियोजनाएँ
IMD परिसर में नई तकनीक का भी प्रयोग शुरू हो गया है। इनमें शामिल हैं:
मॉडल ऑब्जर्वेटरी
3डी प्रिंटेड ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन
एग्रो-ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन, जो विशेष रूप से खेती के लिए उपयोगी हैं।
डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में शुरू किए गए “मिशन मौसम” से भारत के मौसम विज्ञान को नई ताकत मिली है। भारत अब पड़ोसी देशों जैसे बांग्लादेश, नेपाल, भूटान और श्रीलंका को भी मौसम और आपदा संबंधित जानकारी प्रदान कर रहा है, जिससे दक्षिण एशिया में सहयोग को बढ़ावा मिला है। सरकार जल्द ही देश में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और नए क्षेत्रीय मौसम केंद्र स्थापित करने पर भी काम कर रही है।
MD का 151वां स्थापना दिवस
15 जनवरी 2026 को IMD के 151वें स्थापना दिवस पर ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन लगाने की घोषणा की गई। पिछले साल 150वें स्थापना दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने IMD को सम्मानित किया था। डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि पीएम के समर्थन से IMD में नई ऊर्जा आई है और पिछले एक साल में कई महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट पूरे किए गए हैं।
इन आधुनिक ऑटोमैटिक वेदर स्टेशनों से न केवल मौसम पूर्वानुमान सटीक होगा, बल्कि आपदा प्रबंधन, कृषि और नागरिक सुरक्षा के क्षेत्र में भी नई संभावनाएँ खुलेंगी।
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