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क्या DIP डाइट बनेगी लाइफस्टाइल बीमारियों की ढाल? जानिए क्या है पूरा सच

Plant Based Diet: आज की तेज़ रफ्तार ज़िंदगी में गलत खानपान और बैठे-बैठे काम करने की आदत ने लाइफस्टाइल बीमारियों को तेजी से बढ़ा दिया है। ऐसे में DIP डाइट को लेकर लोगों में उत्सुकता बढ़ रही है। DIP का मतलब है Diet Intervention and Prevention यानी आहार के ज़रिये बीमारी की रोकथाम।

क्या है DIP डाइट?

DIP डाइट एक प्लांट-बेस्ड, लो-फैट डाइट पैटर्न है, जिसमें प्राकृतिक और बिना प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों को प्राथमिकता दी जाती है। इसमें साबुत अनाज जैसे गेहूं, जौ, बाजरा, ओट्स, दालें, राजमा, चना, हरी पत्तेदार सब्जियां और मौसमी फल शामिल होते हैं। खाना कम तेल या बिना तेल पकाने की सलाह दी जाती है।
इस डाइट में रिफाइंड आटा, चीनी, पैकेज्ड स्नैक्स, तली-भुनी चीजें और अधिक तेल-घी से परहेज किया जाता है। उद्देश्य है शरीर को प्राकृतिक पोषण देना, पाचन सुधारना और मेटाबॉलिज्म को संतुलित रखना।

किन बीमारियों में फायदेमंद है DIP डाइट?

आरएमएल अस्पताल के मेडिसिन विभाग के निदेशक डॉ. सुभाष गिरि के अनुसार, DIP डाइट खासतौर पर लाइफस्टाइल से जुड़ी बीमारियों में सहायक मानी जाती है:

• टाइप-2 डायबिटीज: हाई फाइबर और लो-फैट भोजन ब्लड शुगर कंट्रोल में मदद करता है।
• हाई ब्लड प्रेशर: कम नमक और तैलीय भोजन से बीपी संतुलित रह सकता है।
• हार्ट डिजीज: प्लांट-बेस्ड डाइट कोलेस्ट्रॉल घटाने में सहायक हो सकती है।
• मोटापा: कैलोरी कंट्रोल होने से वजन घटाने में मदद मिलती है।
• फैटी लिवर: सादा और कम फैट वाला भोजन लाभकारी हो सकता है।

नोट: किसी भी बीमारी में डाइट बदलने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूरी है।

DIP डाइट कैसे शुरू करें?

• रोज़ के खाने से तली-भुनी और प्रोसेस्ड चीजें धीरे-धीरे कम करें।
• सुबह की शुरुआत फल या अंकुरित अनाज से करें।
• दोपहर-रात में साबुत अनाज की रोटी/दलिया, दाल और हरी सब्जियां शामिल करें।
• पकाने में तेल न्यूनतम रखें।
• मीठे पेय की जगह सादा पानी या नारियल पानी लें।
• बदलाव धीरे-धीरे करें, ताकि शरीर अनुकूल हो सके।

इन बातों का रखें खास ध्यान

• संतुलन बनाए रखें; केवल कार्बोहाइड्रेट पर निर्भर न रहें।
• दालों-बीन्स से पर्याप्त प्रोटीन लें।
• विटामिन B12 और D पर ध्यान दें प्लांट-बेस्ड डाइट में इनकी कमी हो सकती है।
• पर्याप्त पानी पिएं और रोज़ हल्की-फुल्की एक्सरसाइज करें।
• अगर कोई गंभीर बीमारी है या दवाएं चल रही हैं, तो बिना डॉक्टर की सलाह बड़े बदलाव न करें।

DIP डाइट कोई चमत्कार नहीं, बल्कि सही दिशा में एक ठोस कदम है जो सादा, संतुलित और प्राकृतिक भोजन के ज़रिये सेहत सुधारने में मदद कर सकता है।

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