MS Dhoni : पूर्व भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने अपनी बेटी जीवा के लिए शारीरिक गतिविधि को लेकर चिंता जताई है. उन्होंने भारतीय बच्चों के फिटनेस स्तर की गिरावट पर भी टिप्पणी की है. धोनी ने यह बयान एक इवेंट के दौरान दिया जिसमें उन्होंने विशेष रूप से बच्चों में शारीरिक सक्रियता की कमी पर चिंता व्यक्त की.
धोनी का फिटनेस पर जोर
2020 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद से महेंद्र सिंह धोनी अब भी इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में सक्रिय हैं और अपनी शानदार फिटनेस के कारण युवाओं के लिए आदर्श बने हुए हैं. धोनी की शारीरिक चुस्ती और फुर्ती आज भी चर्चा का विषय बनी हुई है. इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास लेने के बावजूद धोनी आईपीएल में चेन्नई सुपर किंग्स की कप्तानी करते हुए अपनी फिटनेस बनाए रखे हैं. धोनी के फिटनेस के प्रति समर्पण ने यह साबित किया है कि उम्र सिर्फ एक आंकड़ा है यदि अनुशासन और प्रतिबद्धता से फिटनेस बनाए रखी जाए.
बच्चों की फिटनेस पर चिंता
रांची में आयोजित एक इवेंट के दौरान भारतीय बच्चों के फिटनेस स्तर पर चिंता जताते हुए पूर्व भारतीय कप्तान ने कहा कि कहा कि आजकल बच्चों में शारीरिक गतिविधि की कमी होती जा रही है. भारत में हमारी औसत फिटनेस स्तर में गिरावट आई है. यह बेहद गंभीर मुद्दा है. धोनी ने कहा कि यह बदलाव उनकी बेटी जीवा को लेकर भी महसूस होता है, जिन्हें शारीरिक गतिविधि में शामिल होने के लिए माहौल तैयार करना पड़ता है.
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उन्होंने आगे कहा कि मेरी बेटी जीवा खेलों में सक्रिय नहीं है. मुझे उसके लिए योजना बनानी पड़ती है, ताकि वह शारीरिक रूप से सक्रिय रहे. ऐसा माहौल तैयार करना पड़ता है, ताकि वह शारीरिक गतिविधियों में भाग ले सके. धोनी ने यह भी बताया कि बहुत से बच्चों ने खेलों से दूरी बना ली है, और यही कारण है कि फिटनेस में गिरावट देखी जा रही है.
एमएस धोनी का फिटनेस को लकेर संदेश
धोनी की फिटनेस आज भी युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी हुई है. उनका मानना है कि यदि किसी के पास अनुशासन और समर्पण हो, तो उम्र महज एक संख्या होती है. उन्होंने यह साबित कर दिया है कि फिटनेस और खेल में सक्रिय रहना कभी भी उम्र की सीमा नहीं है. धोनी का प्रदर्शन आईपीएल में भी बहुत ही प्रभावी रहा है उनकी फिटनेस के कारण वह आज भी सबसे चर्चित खिलाड़ियों में से एक हैं. धोनी का यह संदेश युवा पीढ़ी के लिए बहुत महत्वपूर्ण है कि फिट रहना और शारीरिक रूप से सक्रिय रहना कभी भी कम उम्र में नहीं छोड़ा जाना चाहिए.

