Benefits of Portfolio Diet: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी और गलत खान-पान के कारण लोगों में हाई कोलेस्ट्रॉल, दिल की बीमारियां और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ रही हैं। वहीं, कई लोग दवाओं के बजाय नेचुरल तरीके अपनाकर LDL यानी खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करना चाहते हैं। इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए वैज्ञानिकों ने पोर्टफोलियो डाइट विकसित की है, जो पूरी तरह पौधों पर आधारित है और शरीर के लिए सुरक्षित है।
पोर्टफोलियो डाइट क्या है?
पोर्टफोलियो डाइट एक plant-based खाने की योजना है । इसका मकसद रोजमर्रा के खाने से शरीर का खराब कोलेस्ट्रॉल कम करना है। यह कोई साधारण डाइट नहीं, बल्कि चार विशेष फूड ग्रुप का संयोजन है जो मिलकर स्टैटिन जैसी दवाओं जैसा असर दिखाते हैं।

चार मुख्य फूड ग्रुप्स
- प्लांट स्टेरोल्स – आंत में कोलेस्ट्रॉल को अवशोषित होने से रोकते हैं। उदाहरण: स्टेरोल युक्त मार्जरीन, दही पेय, संतरे का जूस।
- जेल टाइप फाइबर – कोलेस्ट्रॉल को बांधकर शरीर से बाहर निकालते हैं। उदाहरण: ओट्स, जौ, सेब, नाशपाती, सेम, दालें, भिंडी, इसबगोल।
- सोया प्रोटीन – लिवर में LDL हटाने वाले रिसेप्टर्स को एक्टिव करता है। उदाहरण: टोफू, सोया दूध, एडामे, सोया वेजी बर्गर।
- मेवे – HDL बढ़ाते हैं और LDL घटाते हैं। उदाहरण: बादाम, अखरोट, पिस्ता।
यह डाइट कैसे काम करती है?
प्लांट स्टेरोल्स कोलेस्ट्रॉल के अवशोषण को 50% तक घटा सकते हैं। जेल फाइबर कोलेस्ट्रॉल को बांधकर बाहर निकालता है। सोया प्रोटीन लिवर को LDL हटाने में मदद करता है। मेवे HDL बढ़ाते और LDL घटाते हैं। इन चारों का मिश्रण शरीर पर नेचुरल दवा जैसा असर डालता है।
डॉक्टर क्यों मानते हैं इसे फायदेमंद
अध्ययनों में पाया गया कि पोर्टफोलियो डाइट से LDL 13% से 30% तक घट सकता है। छह महीने के पालन में LDL 13.8% कम हुआ। लंबे समय तक पालन करने वालों में ट्राइग्लिसराइड घटा, सूजन कम हुई और ब्लड प्रेशर बेहतर हुआ। 30 साल के अध्ययन में, जिनका पोर्टफोलियो डाइट स्कोर अच्छा था, उनमें दिल की बीमारी और स्ट्रोक का खतरा 14% कम था। मेनोपॉज के बाद महिलाओं में हार्ट अटैक का खतरा 17% तक कम हुआ। 2025 के अध्ययन में यह डाइट 10 साल तक कोलेस्ट्रॉल और हार्ट रिस्क को घटाती रही।

