Jawaharlal Nehru University: शिक्षा मंत्रालय ने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) के प्रोफेसर शांतिश्री धुलीपुड़ी पंडित से सफाई मांगा है। यह कार्रवाई उस समय की गई जब अध्यक्ष एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय शैक्षणिक सम्मेलन में बिना पूर्व अनुमति के शामिल नहीं हुईं। मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, यह सम्मेलन उच्च शिक्षा के क्षेत्र में रणनीतिक दिशा तय करने के लिए आयोजित किया गया था, जिसमें देश के प्रमुख विश्वविद्यालयों के अध्यक्ष की उपस्थिति अनिवार्य मानी गई थी।
सम्मेलन में गैरमौजूदगी पर उठे सवाल
सम्मेलन का आयोजन राजधानी दिल्ली में किया गया था और इसका उद्देश्य नई शिक्षा नीति (NEP) 2020 के लागू की जांच और भविष्य की कार्ययोजनाओं पर चर्चा करना था। JNU अध्यक्ष की इस सम्मेलन में गैरमौजूदगी को मंत्रालय ने गंभीरता से लिया है।
मंत्रालय ने जारी किया नोटिस
शिक्षा मंत्रालय ने अध्यक्ष से यह स्पष्ट करने को कहा है कि वे इस सम्मेलन से क्यों अनुपस्थित रहीं, जबकि इसकी सूचना पहले से दी गई थी। साथ ही उनसे यह भी पूछा गया है कि उन्होंने इस कार्यक्रम से अनुपस्थित रहने के लिए मंत्रालय से अनुमति क्यों नहीं ली।
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JNU प्रशासन की प्रतिक्रिया का इंतजार
अब तक JNU प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। हालांकि विश्वविद्यालय के कुछ लोगो का कहना है कि अध्यक्ष की अनुपस्थिति का कारण स्वास्थ्य संबंधी हो सकता है, लेकिन इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है। JNU अध्यक्ष की इस चूक पर शिक्षा मंत्रालय का सख्त रवैया यह संकेत देता है कि अब विश्वविद्यालयों में अनुशासन और जवाबदेही को और गंभीरता से लिया जाएगा। आने वाले दिनों में मंत्रालय की ओर से इस पर आगे की कार्रवाई की संभावना भी जताई जा रही है।

