El Mencho killed in operation by Mexican forces: मेक्सिको सेना के मिलिट्री ऑपरेशन में ड्रग माफिया नेमेसियो ओसेगुएरा रुबेन सर्वेंट्स उर्फ अल मेंचो मारा गया। बताया जाता है कि किसी देश के प्रमुख की तरह उसकी सुरक्षा हाईटेक हुआ करती थी। सुरक्षा में हमेशा सैकड़ों बंदूकधारी और हथियारबंद लड़ाके उसके आवासीय ठिकाने की पहरेदारी में तैनात रहते थे। लगातार अपने ठिकाने बदलने वाले अल मेंचो के बारे में बेहद कम लोग ही जानते थे कि वह किस सीक्रेट ठिकाने पर किस वक्त तक मिलेगा। उसके बावजूद मैक्सिको की सेना को कौन सी लीड अल मेंचो तक ले आई।
- मेक्सिको के रक्षा मंत्री ने अल मेंचो की मौत के बाद क्या कहा?
- अल मेंचो की गर्लफ्रेंड तक कैसे पहुंची मेक्सिको की सेना?
- मिलिट्री ऑपरेशन में US की भूमिका कितनी थी?
- पत्नी से तलाक के बाद भी अल मेंचो के रोमांटिक पार्टनर थे?
- अल मेंचो के राइट हेंड ने क्या ऐलान किया?
आइये जानते हैं आज के एक्सप्लेनर में मेक्सिको की सेना ने कैसे अपने मिलिट्री ऑपरेशन सफलतापूर्वक अंजाम दिया और कब से इस ऑपरेशन की हो रही थी तैयारी।
अल मेंचो की गर्लफ्रेंड तक कैसे पहुंची मेक्सिको की सेना?
अल मेंचो का रोज़ालिंडा गोंज़ालेज़ से तालाक 2018 में हो गया था। ऐसे में सवाल उठता है कि मेक्सिको के सबसे ताकतवर ड्रग माफिया अल मेंचो की के सिस्टम की कौन सी नाजुक कड़ी या भरोसेमंद शख्स या फिर उसका सबसे करीबी खुफिया विभाग के हाथ लगा, जो सेना को उसके सीक्रेट ठिकाने तक ले गया? इसका जवाब हमें रक्षा मंत्री रिकार्डो ट्रेविला के बयानों में मिला। उन्होंने बताया कि हमारी खुफिया एजेंसियों ने अल मेंचो की गर्लफ्रेंड से जुड़े एक भरोसेमंद साथी की पहचान की और उसकी गतिविधियों पर नजर रखी गई। इसी शख्स ने मेंचो की गर्लफ्रेंड को जालिस्को के पास एक कंपाउंड में पहुंचाया था। सेना की टीम पीछा करते-करते कंपाउंड तक पहुंची। जब वह महिला (गर्लफ्रेंड) वहां से निकली तो अधिकारियों को यकीन हो गया कि भारी सुरक्षा के बीच एल मेंचो कंपाउंड के अंदर ही मौजूद है।
मेक्सिको के रक्षा मंत्री ने अल मेंचो की मौत के बाद क्या कहा?
रक्षा मंत्री रिकार्डो ट्रेविला ने कहा कि यह ऑपरेशन बेहद गंभीर और खुफिया था। उन्होंने कहा, “अल मेचो की किस्तम इस बार उसके साथ नहीं थी। उसके सीक्रेट ठिकाने पर छापेमारी के दौरान वह और उसके हथियारबंद गार्ड जंगल में छिप गए। यहां कुछ केबिन बने हुए थे। लेकिन नेशनल गार्ड की स्पेशल इमीडिएट रिएक्शन फोर्स पूरी तैयारी के साथ गई और हेलीकॉपर्टर के जरिए उसकी सटीक लोकेशन मिली और झाडियों से ढूंढकर बाहर निकाला गया। एनकाउंटर में गोली लगने से अल मेंचो जख्म हो गया और अस्पताल ले जाते समय उसकी मौत हो गई।” उन्होंने कहा कि अकसर अल मेंचो हमारी सेना को गच्चा देकर भाग जाता था लेकिन इस बार उसकी गर्लफ्रेंड के जरिए उसके सीक्रेट ठिकाने का पता लगाया।
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मिलिट्री ऑपरेशन में US की भूमिका कितनी थी?
न सिर्फ अमेरिका बल्कि कनाडा के लिए भी ड्रग माफिया अल मेंचो सिर दर्द बना हुआ था। माना जाता है कि मेक्सिको के बाद सबसे ज्यादा अल मेंचो कनाडा और अमेरिका में ड्रग की स्मगलिंग करवाता था। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका में बढ़ी ड्रग स्मगलिंग को लेकर कई बार मेक्सिको चेताया और टैरिफ बढ़ाने तक की धमकी दी। ऐसे में इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता है कि मेक्सिको के इस मिलिट्री ऑपरेशन में अमेरिकी की खुफिया एजेंसियों ने मदद ना की हो। ऐसे जरूरी इपुट्स दिए होंगे जो ऑपरेशन के सफल होने में मदद भी किए होंगे। अमेरिका ने अल मेंचो पर 135 करोड़ रुपए से भी ज्यादा का इनाम रखा हुआ था। ताकि अल मेंचो के खात्मे से बॉर्डर पर होने वाली ड्रग स्मलिंग रोकी जा सके।
पत्नी से तलाक के बाद भी अल मेंचो के रोमांटिक पार्टनर थे?
ड्रग माफिया अल मेंचो ने ड्रग स्मगलिंग को मेक्सिको, कनाडा और अमेरिका से बाहर 36 देशों तक फैलाया। वह ना सिर्फ ड्रग सप्लाई करवाता था बल्कि कई मौकों पर उसने खूंखार अपराध भी किए। वर्ष 2015 में सेना की रेड के दौरान अपने हथियार लॉन्चर से सेना के हेलीकॉप्टर तक मार गिराए और कई अपने विरोधी की बेरहम तरीके हत्या तक की। हालांकि उसने शादी सिर्फ रोज़ालिंडा गोंज़ालेज़ से की थी और उससे भी तलाक ले लिया था। रोज़ालिंडा एक केस में जेल भी गई थी। बेटे रुबेन को आजीवन कारावस की सजा सुनाई गई जबकि बेटी जेसिक जोहाना को 30 माह जेल की सजा का फैसला सुनाया जा चुका है। अल मेंचो की हत्या के बाद उसके गर्लफ्रेंड का होना बताता है कि वह सिर्फ खूंखार अपराधी किस्म का ही नहीं बल्कि आशिक मिजाज का था। जो इस बार अपने दिल के खेल में जिंदगी की बाजी हार गया और उसके बिना उसका ड्रग का साम्राज्य भी ध्वस्त हो गया।
अल मेंचो के राइट हेंड ने क्या ऐलान किया
रक्षा मंत्री रिकार्डो ट्रेविला का दावा है कि सीजेएनजी के मुखिया अल मेंचो का राइट हेंड अल टुली है। अल टुली ने अल मेंचो की मौत के बाद मिलिट्री ऑपरेशन में शामिल एक-एक सैनिक की हत्या के लिए 20000 पेसोस (मेक्सिको करंसी) देने का एलान किया है। बता दें कि सीजेएनजी के गिरोह की मेक्सिको के 32 में से 21 राज्यों में मौजूदगी है। कहा जाता है कि जब कोई विशाल पेड़ गिरता है तो आसपास आंधी उठ जाती है और वह अपने साथ कई चीजों को साथ ले जाती है। ठीक ऐसा ही नज़ारा हमे अल मेंचो की मौत के बाद से मेक्सिको में देखने को मिल रहा है। सड़कों-हाइवे ब्लॉक कर दिया गया है। सुपर मार्केट और 20 बैंक जला दिए गए हैं। 70 से ज्यादा मौतें हो चुकी हैं और फीफा वर्ल्ड कप 2026 के मैचों की मेजबानी को लेकर आशंका बढ़ती जा रही है।
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