The Kerala Story 2 Controversy: केरल हाईकोर्ट ने गुरुवार को केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड और फिल्म ‘द केरल स्टोरी 2’ के निर्माताओं को नोटिस जारी किया है। यह कार्रवाई उस याचिका पर सुनवाई के बाद की गई, जिसमें फिल्म को दिए गए सेंसर प्रमाणपत्र को रद्द करने की मांग की गई है।
राज्य की छवि खराब करने का आरोप
कन्नूर जिले के चिट्टारिपरम्बा निवासी श्रीदेव नम्बूथिरी ने अदालत में याचिका दायर कर आरोप लगाया कि फिल्म बिना ठोस प्रमाण के केरल की छवि को नकारात्मक रूप में पेश करती है। उनका कहना है कि ट्रेलर से स्पष्ट होता है कि कहानी अलग-अलग राज्यों की महिलाओं से जुड़ी है और अधिकांश घटनाएं उत्तर भारत की पृष्ठभूमि में दिखाई गई हैं। इसके बावजूद फिल्म का शीर्षक केरल को केंद्र में रखकर राज्य को गलत तरीके से प्रस्तुत करता है।
याचिकाकर्ता का तर्क है कि इससे यह संदेश जाता है मानो केरल देश के अन्य हिस्सों से अलग-थलग है, जबकि राज्य के लोग देश-विदेश में काम कर अर्थव्यवस्था में अहम योगदान देते हैं और बाहरी राज्यों के लोगों को भी रोजगार व आश्रय प्रदान करते हैं।
अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर नहीं, तथ्यों पर आपत्ति
याचिका में यह भी कहा गया है कि फिल्म में अनुमानित आशंकाओं को वास्तविकता की तरह पेश किया गया है। याचिकाकर्ता ने स्पष्ट किया कि उन्हें अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से आपत्ति नहीं है, लेकिन किसी काल्पनिक या अप्रमाणित कथानक को पूरे राज्य से जोड़ना उचित नहीं है।
कोर्ट ने मांगा जवाब, अगली सुनवाई 24 फरवरी
अदालत ने Central Board of Film Certification (CBFC) को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। साथ ही फिल्म निर्माण से जुड़ी कंपनी Sunshine Pictures से भी अपना पक्ष रखने को कहा गया है। मामले की अगली सुनवाई 24 फरवरी को तय की गई है।
ट्रेलर के बाद बढ़ा विवाद
हाल ही में ‘द केरल स्टोरी 2’ का ट्रेलर रिलीज हुआ, जिसमें प्रेम के नाम पर महिलाओं को कथित तौर पर फंसाने की कहानी दिखाई गई है। फिल्म की पटकथा अमरनाथ झा और Vipul Amrutlal Shah ने लिखी है, जबकि निर्देशन Kamakshya Narayan Singh ने किया है। इस बीच केरल के मुख्यमंत्री Pinarayi Vijayan ने फिल्म के सीक्वल का विरोध करते हुए इसे राज्य में सांप्रदायिक तनाव पैदा करने की कोशिश बताया है।
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