Shammi Kapoor : हिंदी सिनेमा में कुछ फिल्में और गाने ऐसे रहे हैं, जिन्हें आज भी क्लासिक या कल्ट का दर्जा प्राप्त है। ऐसा ही एक गीत है “रात के हमसफर”, जिसने शम्मी कपूर और शर्मिला टैगोर की ऑन-स्क्रीन जोड़ी को नए मुकाम पर पहुंचाया।
पेरिस में फिल्माया गया था यादगार गीत
1967 में रिलीज हुई शक्ति सामंता निर्देशित फिल्म एन इवनिंग इन पेरिस को दर्शकों ने खूब सराहा। इस फिल्म से ही शक्ति सामंता और मशहूर संगीतकार जोड़ी शंकर जयकिशन की साझेदारी की शुरुआत हुई। फिल्म का सुपरहिट गाना “रात के हमसफर” न सिर्फ रोमांटिक अंदाज बल्कि अपनी भव्य लोकेशन और मधुर संगीत के लिए भी जाना जाता है। गाने की शूटिंग पेरिस की खूबसूरत वादियों और मुंबई के नटराज स्टूडियो में हुई थी।
रफी–लता ने गीत गाया
इस गीत को लता मंगेशकर और मोहम्मद रफी ने अपनी आवाज दी थी। दोनों गायकों की जादुई प्रस्तुति और शंकर जयकिशन की धुनों ने इसे सदाबहार बना दिया। आज भी यह गाना रोमांटिक ट्रैक्स की लिस्ट में सबसे ऊपर गिना जाता है।
संगीतकार की निजी त्रासदी
इस गीत के साथ एक भावुक कहानी भी जुड़ी हुई है। रिकॉर्डिंग से कुछ ही समय पहले संगीतकार शंकर की मां का निधन हो गया था। इस गहरे दुख के बावजूद शंकर ने धुन तैयार की और इसे अपने काम के जरिये मां को श्रद्धांजलि दी। हालांकि उनके साथी जयकिशन ने शुरुआत में इस कठिन समय में गाना बनाने से मना कर दिया था, लेकिन शंकर के आग्रह पर अंततः वे मान गए।
सिनेमा प्रेमियों की धरोहर
रात के हमसफर न सिर्फ शम्मी कपूर और शर्मिला टैगोर की हिट जोड़ी का प्रतीक बना, बल्कि इसने यह भी साबित कर दिया कि कला और संगीत हर परिस्थिति में अमर रहते हैं। यही वजह है कि यह गीत आज भी लोगों की प्लेलिस्ट में अपनी खास जगह बनाए हुए है।

