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एक तस्वीर ने बदल दी किस्मत, धर्मेंद्र को ‘ही-मैन’ किसने कहा और कैसे बनी उनकी मसल्स की दास्तां?

He Man Of Bollywood: बॉलीवुड के दिग्गज स्टार धर्मेंद्र अब हमारे बीच नहीं रहे। 89 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कहने वाले धर्मेंद्र सिर्फ रोमांस और एक्शन के राजा ही नहीं थे, वह भारतीय सिनेमा के पहले असली ‘ही-मैन’ थे। लेकिन सवाल यह है कि उन्हें यह उपाधि मिली कैसे? आखिर वह कौन-सा पल था जिसने एक साधारण अभिनेता को हिंदी फिल्म इंडस्ट्री का ‘ही-मैन’ बना दिया?

एक शर्टलेस सीन जिसने रचा इतिहास

1966 में रिलीज हुई फिल्म ‘फूल और पत्थर’ धर्मेंद्र की जिंदगी का टर्निंग पॉइंट साबित हुई। इस फिल्म में एक दृश्य था, जिसमें धर्मेंद्र शर्ट उतारकर कैमरे के सामने आए। उस दौर में शर्टलेस शॉट देना लगभग असंभव माना जाता था। लेकिन धर्मेंद्र की दमदार बॉडी, फिट फिजिक और मस्कुलर लुक ने दर्शकों के होश उड़ा दिए। उनके इस एक सीन ने उन्हें एक झटके में देश का नया एक्शन स्टार बना दिया। मैगज़ीनों में उनकी तस्वीरें छपने लगीं, महिलाओं के बीच उनका चार्म चर्चा में आ गया, और इंडस्ट्री ने पहली बार एक ऐसा हीरो देखा जो अपने दम पर एक्शन को नई ऊंचाई देने वाला था।

‘ही-मैन’ नाम किसने दिया?

इस उपाधि के पीछे कोई एक व्यक्ति नहीं था, बल्कि यह नाम उन्हें दिया फिल्म इंडस्ट्री और मीडिया ने मिलकर। ‘फूल और पत्थर’ की ताबड़तोड़ सफलता, उनकी फौलादी काया और लगातार हिट होती एक्शन फिल्मों ने उन्हें इंडस्ट्री का पहला ‘ही-मैन’ बना दिया। मीडिया ने यह नाम इतनी तेजी से अपनाया कि वह खुद धर्मेंद्र की पहचान बन गया।

एक फिएट कार और जिम्मेदारी की कहानी

सुपरस्टार बनने से पहले धर्मेंद्र बेहद जमीन से जुड़े इंसान थे। पहली बड़ी कमाई से उन्होंने एक फिएट कार खरीदी। भाई ने उनसे बेहतर कार लेने का सुझाव दिया, लेकिन धर्मेंद्र ने जवाब दिया “इस इंडस्ट्री का भरोसा नहीं, काम बंद हुआ तो फिएट को टैक्सी बनाकर चला लूंगा फिर से स्ट्रगल कर लेंगे।” यह कथन उनकी सरलता और जिम्मेदारी की भावना को दर्शाता है और यही उन्हें बाकी स्टार्स से अलग बनाता है।

छह दशक का शानदार सफर

धर्मेंद्र ने 60 से अधिक वर्षों तक बॉलीवुड पर राज किया। एक्शन, कॉमेडी, रोमांस, हर शैली में पसंद किए गए। उन्हें पद्म भूषण (2012), फिल्मफेयर लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड (1997), भारतीय सिनेमा में सर्वश्रेष्ठ योगदान पुरस्कार (2004) से नवाजा गया। धर्मेंद्र सिर्फ एक अभिनेता नहीं थे, वह एक युग थे, जिसकी चमक हमेशा कायम रहेगी।

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