Jolly LLB 3 Review : 2007 से 2025 तक सिर्फ 7 फिल्में डायरेक्ट करने वाले निर्देशक सुभाष कपूर ने हर बार अपनी अलग पहचान बनाई है। लेखन और निर्देशन दोनों की कमान खुद संभालकर वे अपनी फिल्मों को अलग स्तर पर ले जाते हैं। ‘महारानी’ वेब सीरीज के बाद अब वह सबसे पॉपुलर फ्रैंचाइजी ‘जॉली एलएलबी 3’ लेकर लौटे हैं।
दो जॉली, एक कोर्टरूम ड्रामा
फिल्म में इस बार दो वकील कोर्टरूम में आमने-सामने हैं –
- अरशद वारसी एडवोकेट जगदीश ‘जॉली’ त्यागी
- अक्षय कुमार एडवोकेट जगदीश्वर ‘जॉली’ मिश्रा
दोनों के बीच की नोकझोंक और कॉमिक टाइमिंग फिल्म की जान है। वहीं सौरभ शुक्ला एक बार फिर जज सुंदर लाल त्रिपाठी के रोल में कमाल करते हैं।
किसानों की जमीन पर कहानी
फिल्म का मुद्दा बेहद गंभीर है – किसानों की जमीन हड़पने का। बिजनेसमैन हरिभाई खेतान (गजराज राव) पर किसानों से जबरन जमीन लेने और उनकी बदहाली का आरोप है। कहानी यहीं से कोर्टरूम ड्रामा और इमोशन का मिश्रण बन जाती है।
मजबूत एक्टिंग और दमदार कॉमिक टाइमिंग
अक्षय-अरशद की जोड़ी ने इस बार शानदार परफॉर्मेंस दी है। वहीं गजराज राव और सीमा बिस्वास ने भी अपने किरदारों में जान डाली है। अमृता राव और हुमा कुरैशी ने पत्नियों के किरदार में संतुलन बनाए रखा है।
संगीत और फिल्म की गति
फिल्म का फर्स्ट हाफ थोड़ा धीमा है, लेकिन सेकंड हाफ सीट से उठने नहीं देता। म्यूजिक के मामले में फिल्म साधारण है, क्योंकि इसमें केवल दो गाने हैं।
फैमिली ऑडियंस के लिए परफेक्ट
‘जॉली एलएलबी 3’ एक गंभीर मुद्दे को हल्के-फुल्के अंदाज में पेश करती है। कॉमेडी, इमोशन और कोर्टरूम ड्रामा का यह मिश्रण दर्शकों को खूब पसंद आएगा।
रेटिंग: 3.5/5 स्टार
यह फिल्म आप पूरे परिवार और बच्चों के साथ निश्चिंत होकर देख सकते हैं।

