Bollywood : 21वीं सदी की सर्वश्रेष्ठ 100 फिल्मों की लिस्ट में न तो अमिताभ का नाम हैं,न शाहरुख और न ही कोई हिंदी सिनेमा का बड़ा सितारा इस लिस्ट में शामिल है. हैरान करने वाली बात ये है कि भारत सबसे ज्यादा फिल्मों का निर्माण करता हैं,लेकिन फिर भी बॉलीवुड अब क्लासिक सिनेमा नहीं बना पा रहा हैं. दरअसल न्यूयॉक टाइम्स ने पिछले 25 साल की टॉप 100 फिल्मों की सूची बनाई हैं. जिसमें हिंदी सिनेमा की एक भी फिल्म शामिल नहीं हैं. सवाल यह उठ रहा है, क्या बॉलीवुड अब ग्लोबल सिनेमा में पिछड़ रहा है?
न्यू यॉर्क टाइम्स की सूची से लगभग गायब हो गया हैं बॉलीवुड
हाल ही में 21वीं सदी की अब तक की सर्वश्रेष्ठ 100 फिल्मों की सूची जारी की है. इस सूची में कोरियन, जापानी, फ्रेंच, ईरानी, यहां तक कि दक्षिण भारतीय फिल्में तक शामिल हैं, लेकिन हिंदी सिनेमा लगभग गायब है. इस लिस्ट में भारत से सिर्फ़ एक फिल्म है जो Gangs of Wasseypur हैं, जो 59वें पायदान पर है. न कोई सुपरस्टार, न कोई ब्लॉकबस्टर सवाल यही कि हिंदी सिनेमा आखिर कहां जा चूका हैं? फ़िल्म समीक्षकों का मानना है कि आज की हिंदी फिल्में न तो गहराई में उतरती हैं, न ही उनमें कोई ऐसी नई बात होती है जो विदेशी दर्शकों को चौंका सके. वहीं तमिल-तेलुगु फिल्मों ने RRR, KGF, Pushpa जैसे पैन-इंडिया और इंटरनेशनल हिट्स दिए, और बॉलीवुड ज्यादातर रीमेक सतही मसाला पर निर्भर रहा.
पहले नंबर पर हैं कोरिया की यह फिल्म
न्यू यॉक टाइम्स की 100 सर्वश्रेष्ठ फिल्मों की सूची में सबसे ऊपर कोरिया की पैरासाइट फिल्म का नाम शामिल हैं, जो 2019 की सबसे चर्चित फिल्म थी. इस फिल्म में गरीब परिवार की कहानी के व्दारा देश में विकास के बारे में बताया था. दुनिया भर में पैरासाइट फिल्म को बहुत सराहा गया था और इस फिल्म को ऑस्कर अवॉर्ड भी मिला था. इसके अलावा किल बिल और नो कंट्री फॉर ओल्ड मैन जैसी कई फिल्में भी शामिल हैं. लेकिन सवाल यह हैं कि क्या फिल्मों की सूची में जो ज्यादातर नाम तय हुए हैं, वो नई पीढ़ी व्दारा चुनने गऐ हैं. क्योकि इसमें ज्यादातर फिल्में कुछ साल पुरानी हैं.
जहां RRR जैसी फिल्में विदेशों में छा गईं, वहीं हिंदी फिल्में कुछ खास नया नहीं दे रही हैं. जबकि बॉलीवुड कभी वर्ल्ड सिनेमा का पोस्टर बॉय था, लेकिन अब जब सूचियाँ बन रही हैं, हिंदी सिनेमा गायब हो रहा है. क्या ये सिर्फ़ वेस्टर्न बायस है या खुद बॉलीवुड थक चुका है?

