Tejashwi Yadav : बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया कि उनका नाम हाल ही में जारी की गई बिहार की वोटर लिस्ट से हटा दिया गया है. यह जानकारी उन्होंने पटना में दी और कहा कि चुनाव आयोग की प्रक्रिया में बड़ी गड़बड़ी हो रही है.
प्रेस कॉन्फ्रेंस में चुनाव आयोग पर तीखा हमला
तेजस्वी यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया कि मतदान अधिकारी (BLO) उनके घर आए थे और उनका सत्यापन भी किया था, बावजूद इसके उनका नाम वोटर लिस्ट से गायब था. उन्होंने अपना वोटर आईडी कार्ड दिखाते हुए कहा कि उन्होंने EPIC नंबर डाला,लेकिन स्क्रीन पर NO RECORDS FOUND का संदेश आया. इसके बाद उन्होंने पूरी प्रक्रिया को स्क्रीन पर लाइव दिखाकर यह साबित किया कि उनका नाम सूची में नहीं है.
वाह रे के. चु. आ ( केंद्रीय चुनाव आयोग) वाह!
गज़ब में SIR के नाम पर गज़ब का खेल हुआ रे भाई!
यहां 65 लाख वोट वोटर लिस्ट से गायब कर दिए हैं।
जहां औसतन हर विधानसभा से 25 हज़ार लोगों के वोटर लिस्ट से नाम काटे गए हैं।इलेक्शन कमीशन कहती है कि वोटर लिस्ट से नाम उनके ही कटे हैं जिनकी… pic.twitter.com/A8V1rzz2Iq
— Nitesh Kartiken (@EngineerNitesh_) August 2, 2025
जब उनसे उनकी पत्नी के वोटर आईडी के बारे में पूछा गया,तो तेजस्वी ने इसका मजाक उड़ाते हुए कहा कि जब मेरा नाम ही लिस्ट से काटा गया है, तो मेरी पत्नी का नाम कैसे होगा?
चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप
तेजस्वी यादव ने चुनाव आयोग के कार्यों पर सवाल उठाते हुए कहा कि चुनाव आयोग का यह कदम बेहद चिंताजनक है. उन्होंने लाखों लोगों के नाम सूची से हटा दिए हैं, जिनमें से अधिकांश गरीब और वंचित वर्ग के लोग हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि आयोग ने प्रक्रिया में पूरी तरह से पारदर्शिता का पालन नहीं किया और यह स्पष्ट नहीं किया कि कितने लोगों के नाम क्यों हटाए गए.
तेजस्वी ने विशेष रूप से कहा कि अब हमें यह समझ में नहीं आता कि जब इतनी बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम कट गए हैं, तो चुनाव आयोग ने उन लोगों को कोई नोटिस क्यों नहीं भेजा? क्या चुनाव आयोग ने इन्हें समय दिया? क्या यह एक सुनियोजित योजना के तहत किया गया है? उन्होंने यह भी कहा कि सुप्रीम कोर्ट को इस मामले में स्वतः संज्ञान लेकर चुनाव आयोग से जवाब मांगना चाहिए.
आयोग ने खारिज किया दावा
चुनाव आयोग ने तेजस्वी यादव के दावे का फैक्ट चेक करते हुए स्पष्ट किया कि उनका नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में शामिल है। आयोग ने यह भी बताया कि वोटर लिस्ट का वह प्रारूप जारी किया गया है, जिसमें तेजस्वी यादव का नाम, फोटो, उम्र, पिता का नाम और मकान संख्या दर्ज है। राजद नेता के आरोपों पर चुनाव आयोग ने तुरंत डेटा साझा करते हुए कहा कि तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि उनका नाम वोटर लिस्ट से हटा दिया गया है। हमने लिस्ट जारी की है और उनसे आग्रह किया है कि वह अपने नाम को ध्यान से देखें। चुनाव आयोग द्वारा जारी किए गए रिकॉर्ड में तेजस्वी यादव का ECIP नंबर RAB0456228 था। ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में उनका नाम सीरियल नंबर 416 पर दर्ज है।

वोटर लिस्ट से हटाए गए 65 लाख नाम
चुनाव आयोग ने 1 अगस्त को बिहार की नई ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी की, जिसमें कुल 65 लाख 64 हजार वोटरों के नाम कटने की जानकारी दी गई है. आयोग के अनुसार, 22 लाख 34 हजार लोग निधन के कारण, 36 लाख 28 हजार लोग स्थायी रूप से दूसरे स्थानों पर शिफ्ट हो गए और 7 लाख एक हजार लोगों के नाम दोहरे थे, जिन्हें हटाया गया. तेजस्वी ने इस पर जोर दिया कि यह संख्या महज आंकड़ा नहीं है, बल्कि इन लोगों की पहचान और सूची से हटने के कारण के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं दी जा रही है.
तेजस्वी यादव की चुनाव आयोग को चुनौती
तेजस्वी यादव ने चुनाव आयोग को एक चुनौती देते हुए कहा कि अगर चुनाव आयोग ने 65 लाख लोगों के नाम काटे हैं, तो उसे इसका विवरण सार्वजनिक करना चाहिए. हमें बूथ वार डेटा देना चाहिए, ताकि यह साफ हो सके कि क्यों इन लोगों के नाम हटाए गए.
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इसके अलावा उन्होंने चुनाव आयोग पर आरोप लगाते हुए कहा कि यह ‘गोदी आयोग’ बन चुका है, जो एक विशेष राजनीतिक दल के इशारे पर काम कर रहा है. उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग ने हमारी मांगों पर कोई ध्यान नहीं दिया और अब हमें यह समझना होगा कि इन प्रक्रिया के पीछे क्या चाल चलने की कोशिश की जा रही है.
बिहार में वोटर लिस्ट में बड़े बदलाव
चुनाव आयोग ने बिहार में पिछले महीने एक महीने तक चले गहन पुनरीक्षण अभियान के परिणामस्वरूप यह आंकड़े जारी किए हैं. नए आंकड़ों के अनुसार, बिहार में अब 7 करोड़ 24 लाख 5 हजार 756 वोटर हैं, जबकि पहले यह आंकड़ा 7 करोड़ 89 लाख था.

