EC Press Conference : चुनावी माहौल में विपक्ष की ओर से लग रहे धांधली और मतदाता सूची में गड़बड़ी के आरोपों के बीच रविवार (17 अगस्त) को चुनाव आयोग ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार समेत सात वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इनमें इलेक्शन कमिश्नर डॉक्टर विवेक जोशी, इलेक्शन कमिश्नर सुखबीर सिंह संधु, डिप्टी इलेक्शन कमिश्नर संजय कुमार, डिप्टी इलेक्शन कमिश्नर मंगेश गर्ग, डायरेक्टर जनरल आशीष गोयल और डिप्टी डायरेक्टर जनरल विजय कुमार पांडे शामिल थे।
#WATCH | दिल्ली: भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा, “हमने कुछ दिन पहले देखा कि कई मतदाताओं की तस्वीरें बिना उनकी अनुमति के मीडिया के सामने पेश की गईं। उन पर आरोप लगाए गए, उनका इस्तेमाल किया गया। क्या चुनाव आयोग को किसी भी मतदाता, चाहे वह उनकी मां हो, बहू हो, बेटी… pic.twitter.com/hRm6ueo8CG
— ANI_HindiNews (@AHindinews) August 17, 2025
चुनाव आयोग ने विपक्ष के आरोपों का जवाब देते कहा
प्रेस कॉन्फ्रेंस में चुनाव आयोग ने विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए साफ कहा कि मतदाता सूची और मतदान प्रक्रिया को लेकर बिना तथ्यों के भ्रम फैलाया जा रहा है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि हाल के दिनों में कुछ मतदाताओं की तस्वीरें और निजी जानकारी मीडिया के सामने बिना अनुमति के रखी गईं। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या किसी मतदाता के CCTV वीडियो या निजी विवरण को सार्वजनिक करना उचित है? उन्होंने जोर देते हुए कहा कि जिनका नाम मतदाता सूची में दर्ज है, वही लोग मतदान का अधिकार रखते हैं और चुनाव आयोग इस प्रक्रिया की निष्पक्षता सुनिश्चित करता है।
मतदाता सूची को अपडेट करने का काम जारी
उन्होंने विपक्ष के आरोपों को लेकर कहा कि चुनाव आयोग पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ काम कर रहा है और सभी राजनीतिक दलों के सुझावों और शिकायतों को गंभीरता से लेता है। साथ ही उन्होंने यह भी जोड़ा कि मतदाता सूची को अपडेट करने का काम लगातार किया जाता है और किसी भी गड़बड़ी की शिकायत मिलने पर तत्काल कार्रवाई होती है। इस बीच, बिहार की राजनीति में भी हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने बिहार में वोटर अधिकार यात्रा की शुरुआत कर दी है। इस यात्रा में राजद नेता तेजस्वी यादव और लालू प्रसाद यादव भी शामिल हुए हैं। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा करने में नाकाम रहा है और सत्ताधारी दल के दबाव में काम कर रहा है।
मतदाता की चुनाव पर नजर
चुनावी मौसम में विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। ऐसे में चुनाव आयोग की यह प्रेस कॉन्फ्रेंस राजनीतिक रूप से बेहद अहम मानी जा रही है। अब देखना होगा कि आयोग की सफाई के बाद भी विपक्ष अपनी रणनीति बदलता है या मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया को लेकर अपने सवाल जारी रखता है। जनता भी इस पूरे घटनाक्रम पर बारीकी से नजर रखे हुए है, क्योंकि आखिरकार लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत मतदाता ही है।
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