PM modi news : बिहार के दरभंगा में कांग्रेस के मंच से आयोजित वोटर अधिकार यात्रा के दौरान एक विवादित बयान ने राज्य की राजनीति में हलचल मचा दी है. विपक्षी दलों द्वारा किसी के लिए अपशब्द कहे जाने के विरोध में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने 4 सितंबर को बिहार में बंद का आह्वान किया है.
पीएम मोदी की भावुक प्रतिक्रिया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मुद्दे पर अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी दिवंगत मां का राजनीति से कोई लेना-देना नहीं था और यह समझ से बाहर है कि उनके खिलाफ क्यों अपशब्द कहे गए. पीएम मोदी का कहना था कि उनकी मां ने कभी राजनीति में हिस्सा नहीं लिया,तो उनका दोष क्या था? क्यों उनके लिए अपशब्द कहे गए? प्रधानमंत्री के इस बयान के बाद बिहार में सियासी पारा चढ़ गया. जहां एनडीए (नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस) ने पीएम मोदी के बयान का समर्थन किया और बंद की घोषणा की,वहीं विपक्ष ने भी इसे लेकर पलटवार किया.
रोहिणी आचार्य ने किया कड़ा रिएक्शन
राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के सुप्रीमो लालू यादव की बेटी, रोहिणी आचार्य ने भी इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है. हालांकि, उन्होंने इसे लेकर केवल कांग्रेस और बीजेपी को नहीं, बल्कि विपक्ष के नेताओं को भी निशाने पर लिया. रोहिणी ने पीएम मोदी के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि ठीक कहा है प्रधानमंत्री जी, लेकिन दूसरों को गाली न देने की नसीहत देने से पहले विपक्ष को अपने गिरेबां में झांकना चाहिए. पीएम मोदी ने खुद भी कई बार अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल किया है.
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उन्होंने आगे कहा कि यह सच है कि किसी की मां को गाली नहीं दी जानी चाहिए और मैं इसका विरोध करती हूं. लेकिन क्या बीजेपी और पीएम मोदी ने मेरे खिलाफ लोकसभा चुनाव के दौरान इस्तेमाल की गई गाली-गलौच पर कभी कुछ कहा? रोहिणी ने कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी के खिलाफ विपक्षी नेताओं द्वारा की गई अपशब्दों की घटनाओं का भी उल्लेख किया और सवाल उठाया कि उन मामलों में बीजेपी और पीएम मोदी की चुप्पी क्यों रही?
पीएम मोदी की भावुक अपील
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को बिहार के लोगों से एक भावुक अपील की थी. उन्होंने कहा कि राजद और कांग्रेस के मंच से उनकी मां के खिलाफ अपशब्द कहे गए, इस पर हमें जवाबदेही तय करनी चाहिए. पीएम ने बिहारवासियों से आग्रह किया कि हर मां-बहन को इस मामले पर आवाज उठानी चाहिए और अपशब्दों का विरोध करना चाहिए. प्रधानमंत्री के इस बयान के बाद बिहार में सियासी आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला जारी है और यह मामला आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर और भी गरमाने की संभावना है.
सियासी तापमान बढ़ा, बिहार में बवाल जारी
इस मुद्दे पर पूरे बिहार में राजनीतिक तापमान बढ़ चुका है. जहां एनडीए ने 4 सितंबर को बंद की घोषणा की है, वहीं विपक्ष ने इसे राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है. मामला बढ़ता देख प्रशासन ने सुरक्षा बढ़ा दी है और राज्यभर में तनाव की स्थिति बन गई है.

