Voter List: बिहार में चल रहे मतदाता सूची पुनरीक्षण को लेकर चुनाव आयोग (ECI) ने बताया कि मतदाता सूची शुद्धिकरण अभियान में 57% से अधिक जनगणना फॉर्मों का संग्रह सफलतापूर्वक हो चुका है.
चुनाव आयोग ने क्या कहा
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने बिहार के मतदाताओं के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि यह उपलब्धि राज्य के मतदाताओं की उत्साहपूर्ण भागीदारी का परिणाम है जबकि अभियान के लिए अभी 16 दिन शेष हैं.चुनाव आयोग ने नागरिकों से इस दौरान सक्रिय रूप से भाग लेकर मतदाता सूची को और सटीक बनाने का आह्वान किया है.
मजबूत लोकतांत्रिक ढांचे की रखी जा रही नींव
बता दें कि बिहार चुनाव से पहले मतदाता सूची पुनरीक्षण का मकसद त्रुटियों को सुधारना,डुप्लिकेट या मृत मतदाताओं के नाम हटाना और सही ढंग से पंजीकृत मतदाता को ही मतदाता सूची जगह देना है.मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने बिहार के मतदाताओं के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि भारत का चुनाव आयोग भारत के मतदाताओं के साथ था है और हमेशा रहेगा.उन्होंने नागरिकों से शेष 16 दिनों में इस अभियान को और तेज करने की अपील की,ताकि एक मजबूत लोकतांत्रिक ढांचे की नींव और सुदृढ़ हो सके.
पूरे राज्य में टीमें तैनात
ज्ञात हो कि चुनाव आयोग ने पूरे राज्य में टीमें तैनात की हैं,जो जनगणना फॉर्मों के संग्रह को आसान बना रही हैं,विशेष रूप से दूर दराज और ग्रामीण क्षेत्रों में. मतदाताओं की सुविधा के लिए आयोग ने अपने आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन सत्यापन की व्यवस्था भी की है.
महागठबंधन का चक्का जाम धरना-प्रदर्शन
उधर मतदाता सूची पुनरीक्षण को लेकर चुनाव आयोग के फैसले के खिलाफ राजद-कांग्रेस ने बुधवार को पूरे राज्य में चक्का जाम धरना-प्रदर्शन किया। विपक्षी महागठबंधन के सहयोगी दलों ने चुनाव आयोग के फैसले को लेकर कहा कि बिहार की बड़ी आबादी के वोट कट जाएंगे और उनका मताधिकार प्रभावित होगा। विपक्ष ने सरकार और चुनाव आयोग पर आम लोगों के मत देने से वंचित रखने का आरोप लगाते हुए पूरे राज्य में चक्का जाम धरना-प्रदर्शन किया जिसका व्यापक असर देखने को मिला.

