Bihar Elections 2025 : बिहार विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस पार्टी ने अपनी रणनीतिक तैयारियों को तेज कर दिया है। संगठन को मजबूत करने के लिए पार्टी ने बड़े नेताओं को अहम जिम्मेदारियां सौंपी हैं। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और लोकसभा में कांग्रेस के पूर्व नेता विपक्ष अधीर रंजन चौधरी को बिहार चुनाव के लिए वरिष्ठ पर्यवेक्षक नियुक्त किया है।
ये तीनों नेता बिहार में कांग्रेस की जमीनी स्थिति का मूल्यांकन करेंगे, महागठबंधन के सहयोगी दलों के साथ तालमेल साधेंगे और चुनावी प्रचार अभियान की दिशा तय करेंगे। माना जा रहा है कि कांग्रेस इस बार बिहार में पहले से कहीं अधिक संगठित और आक्रामक रणनीति के साथ उतरने जा रही है।

जिलास्तर पर भी कांग्रेस ने बनाई मजबूत टीम
वरिष्ठ नेताओं की नियुक्ति के साथ ही कांग्रेस ने प्रत्येक जिले में चुनाव पर्यवेक्षक भी नियुक्त किए हैं। पार्टी की मंशा है कि स्थानीय स्तर पर संगठन को सक्रिय किया जाए और प्रत्याशियों के चयन से लेकर प्रचार अभियान तक हर चरण पर सटीक निगरानी रखी जाए।
सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस नेतृत्व चाहता है कि इस बार बिहार में न केवल गठबंधन की एकजुटता बनाए रखी जाए बल्कि बूथ स्तर तक संगठनात्मक मजबूती पर फोकस किया जाए।
इन नेताओं को मिली जिला पर्यवेक्षक की जिम्मेदारी
कांग्रेस की ओर से जिन नेताओं को जिला चुनाव पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है, उनमें कांग्रेस नेता अविनाश पांडे, कमलेश्वर पटेल, हरीश चौधरी, काजी निज़ामुद्दीन, अजय कुमार लल्लू, भक्त चरण दास, अजय राय, शुभंकर सरकार, सतेज (बंटी) पाटिल, ईशा खान चौधरी, तनुज पुनिया, प्रदीप जैन आदित्य, अनिल चौधरी, अभिषेक दत्त, रामकिशन ओझा, सत्यनारायण पटेल, चेतन चौहान, बी. वी. श्रीनिवास, विक्रांत भूरिया, पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी, राधा कृष्ण किशोर, इरफान अंसारी, दीपिका पांडे सिंह, राणा गुरजीत, अशोक चांदना, विश्वजीत कदम, रामलाल जाट, जयसिंह अग्रवाल, रफीक खान, दिनेश गुज्जर, अभिमन्यु पुनिया, हिना कावरे, वीरेंद्र राठौड़, संजय कपूर, रोहित चौधरी, अमित सिहाग, विपिन वानखड़े, नीरज दीक्षित, प्रवीण पाठक, करण सिंह उचियाड़ा और अनिल चोपड़ा शामिल है।

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मिशन बिहार पर कांग्रेस की नजर
कांग्रेस इस चुनाव (Bihar Elections 2025) में महागठबंधन की एकजुटता को मजबूती देने के साथ-साथ अपने स्वतंत्र जनाधार को भी बढ़ाने की कोशिश कर रही है। वरिष्ठ नेताओं की टीम न केवल उम्मीदवारों के चयन पर काम करेगी बल्कि स्थानीय मुद्दों और युवाओं को जोड़ने की पहल पर भी ध्यान देगी। सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस इस बार किसी भी स्तर पर ढिलाई नहीं बरतेगी और “मिशन बिहार 2025” के तहत मैदान में पूरी ताकत से उतरेगी।

