Rahul Gandhi : कांग्रेस के नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने एक बार फिर से बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि देशभर में विधानसभा और लोकसभा चुनावों में वोट चोरी की जा रही है। बिहार के सासाराम में एक जन सभा को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने दावा किया कि बीजेपी-आरएसएस संविधान को समाप्त करने की साजिश कर रहे हैं और बिहार में SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) के माध्यम से नए वोटरों को जोड़कर चुनाव में धांधली करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हम इन्हें यह चुनाव चोरी नहीं करने देंगे।
कर्नाटक विधानसभा चुनाव में एक लाख से ज्यादा वोट चुराए गए : राहुल गांधी
राहुल गांधी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप लगाया था कि कर्नाटक विधानसभा चुनाव में एक लाख से ज्यादा वोट चुराए गए थे, जिसके कारण भाजपा को लोकसभा सीट मिल पाई। उन्होंने यह भी कहा कि जब उन्होंने इस मुद्दे को उठाया, तो चुनाव आयोग ने उनसे हलफनामा मांगा, लेकिन बीजेपी से ऐसा कोई सवाल नहीं किया गया। राहुल गांधी ने यह आरोप लगाया कि चुनाव आयोग का यह व्यवहार पक्षपाती था।
संविधान बचाने की लड़ाई है : राहुल गांधी
यह संविधान को बचाने की लड़ाई है, राहुल गांधी ने जोर देते हुए कहा कि बीजेपी और आरएसएस का उद्देश्य संविधान को खत्म करना है। उन्होंने महाराष्ट्र का उदाहरण देते हुए कहा कि ओपिनियन पोल्स में महागठबंधन की जीत का अनुमान था, लेकिन चुनाव में बीजेपी को जीत मिली, जिसके बाद उन्हें यह महसूस हुआ कि इन चुनावों में बड़े पैमाने पर नई वोटर लिस्ट बनाई गई थी। उन्होंने यह भी कहा कि बीजेपी को इन नए वोटरों का पूरा समर्थन मिला, जबकि कांग्रेस को कोई नया वोट नहीं मिला।
#WATCH | Sasaram, Bihar | At the ‘Voter Adhikar Yatra’ event, Lok Sabha LoP and Congress MP Rahul Gandhi says, “I am telling you from this stage that Vidhan Sabha and Lok Sabha elections are being stolen in the entire country. Their latest conspiracy is to conduct SIR in Bihar… pic.twitter.com/w58qdOW6e1
— ANI (@ANI) August 17, 2025
चुनाव आयोग ने बिहार में मतदाता सूची की विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक दलों को कड़ा संदेश दिया है। चुनाव आयोग ने शनिवार को कहा कि कुछ राजनीतिक दलों और उनके बूथ स्तर के एजेंटों (बीएलए) ने समय पर मतदाता सूचियों की जांच नहीं की और अब वे गलतियों का मुद्दा उठा रहे हैं। चुनाव आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि राजनीतिक दल समय पर कदम उठाते, तो संबंधित एसडीएम और ईआरओ द्वारा इन गलतियों को सही किया जा सकता था।
रविवार को चुनाव आयोग का प्रेस कॉन्फ्रेंस
चुनाव आयोग ने यह भी बताया कि मतदाता सूची तैयार करने के सभी चरणों में राजनीतिक दलों को शामिल किया गया है। ड्राफ्ट वोटर लिस्ट की हार्ड और डिजिटल कॉपी सभी राजनीतिक दलों के साथ शेयर की जाती है और इसे चुनाव आयोग की वेबसाइट पर सार्वजनिक रूप से उपलब्ध कर दिया जाता है। चुनाव आयोग अब बिहार में एसआईआर के बाद पहली बार रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित करने जा रहा है, जहां वह इस प्रक्रिया पर और अधिक जानकारी साझा करेगा।

