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Bihar assembly polls : NDA सरकार या नीतीश कुमार…किससे नाराज है चिराग पासवान ?

Bihar assembly polls : बिहार में विधानसभा चुनाव होने में कुछ महीने बाकी हैं, ऐसे में केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के नेता चिराग पासवान राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति को लेकर नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार की आलोचना में मुखर रहे हैं.

चिराग पासवान ने क्या कहा

गया में अस्पताल ले जाते समय एम्बुलेंस के अंदर एक महिला के साथ सामूहिक बलात्कार की घटना के बाद पासवान ने कहा कि उन्हें ऐसी सरकार का समर्थन करते हुए दुख हो रहा है जो राज्य में बढ़ते अपराध को रोकने में विफल रही है.बिना लाग लपेट के चिराग ने कहा कि बिहार में जिस तरह से अपराध हो रहा है, प्रशासन पूरी तरह से अपराधियों के सामने नतमस्तक हो गया है. पासवान ने कहा कि बिहार में एक के बाद एक हत्या,लूट,डकैती, बलात्कार जैसी घटनाएं क्यों हो रही हैं? ऐसा लगता है कि सरकार इन घटनाओं को रोकने में पूरी तरह विफल रही है. अगर ऐसा ही चलता रहा तो हमारे राज्य में बहुत भयावह स्थिति पैदा हो जाएगी.

पहले भी जता चुके हैं  नाराजगी

लोजपा नेता ने आरोप लगाया कि या तो प्रशासन इसके साथ मिलीभगत कर रहा है या प्रशासन पूरी तरह से बेकार हो गया है…मुझे शर्म आती है कि मैं ऐसी सरकार का समर्थन कर रहा हूं जिसके शासन में अपराध नियंत्रण से बाहर हो गया है.

हालाँकि यह पहली बार नहीं है जब उन्होंने नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली सरकार पर हमला किया हो. पिछले हफ़्ते पटना के पारस अस्पताल में हुई एक हत्या पर प्रतिक्रिया देते हुए चिराग ने कहा था कि अपराधियों के हौसले सातवें आसमान पर हैं. उन्होंने आगे कहा कि पटना के रिहायशी इलाके में स्थित पारस अस्पताल में हुआ हमला साबित करता है कि अपराधी कानून और प्रशासन को खुलेआम चुनौती दे रहे हैं. हाजीपुर के सांसद गैंगस्टर चंदन मिश्रा की हत्या पर प्रतिक्रिया दे रहे थे ,जिसे पटना के पारस अस्पताल में गोली मार दी गई थी जब वह इलाज के लिए पैरोल पर बाहर था.

चिराग नीतीश सरकार से क्यों खफा हैं?

हाल के महीनों में केंद्र में एनडीए सरकार में सहयोगी चिराग पासवान ने कहा कि वह कानून व्यवस्था की स्थिति को लेकर नीतीश सरकार से खुश नहीं हैं. चिराग की ओर से यह आलोचना राज्य में गोलीबारी की घटनाओं के बीच तब आई है,जब कुछ ही महीनों में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं.

जहाँ चंदन मिश्रा की एक अस्पताल के अंदर गोली मारकर हत्या कर दी गई,वहीं पटना के एक पॉश इलाके में व्यवसायी गोपाल खेमका की भी उनके आवास के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई.एक अन्य भाजपा नेता विक्रम झा को पटना में एक अज्ञात हमलावर ने गोली मार दी.इसी महीने हत्या की दो और घटनाएं हुईं, जहाँ अलग-अलग घटनाओं में एक वकील और एक शिक्षक की हत्या कर दी गई.

कितनी हत्याओं का सामना करना पड़ेगा ?

12 जून की घटनाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए चिराग ने पूछा कि अब बिहारियों को और कितनी हत्याओं का सामना करना पड़ेगा?बिहार पुलिस की ज़िम्मेदारी क्या है, यह समझ से परे है.नीतीश सरकार की आलोचना ऐसे समय में हुई है जब लोजपा नेता ने घोषणा की है कि उनकी पार्टी आगामी चुनावों में सभी 243 सीटों पर चुनाव लड़ेगी.

2020 के विधानसभा चुनावों में चिराग की पार्टी ने एनडीए गठबंधन से बाहर बिहार चुनाव लड़ने का फैसला किया था.हालांकि उनकी पार्टी ने उन सीटों से उम्मीदवार नहीं उतारा जहां भाजपा चुनाव लड़ रही थी,लेकिन लोजपा के उम्मीदवार उस सीट पर लड़े जहां नीतीश कुमार की जदयू चुनाव लड़ रही थी,ताकि भाजपा के वोटों को अपने पक्ष में किया जा सके.पार्टी ने बिहार विधानसभा में केवल एक सीट जीती,लेकिन जेडीयू को केवल 43 सीटों तक सीमित रखने में कामयाब रही.