महाराष्ट्र के नागपुर में पुलिस की सतर्कता और तेजी से एक बड़ा हादसा टल गया. बेलतरोडी थाना क्षेत्र में एक पति ने अपनी पत्नी पर चाकू से जानलेवा हमला कर दिया था. अगर पुलिस कुछ मिनट देर से पहुंचती, तो यह मामला हत्या में बदल सकता था. समय रहते पुलिस ने फ्लैट का दरवाजा तोड़कर महिला को आरोपी पति के चंगुल से बाहर निकाला और उसकी जान बचा ली.
घायल महिला की पहचान अश्लेषा वानखेड़े के रूप में हुई है, जबकि आरोपी पति ऋषिकेश वानखेड़े को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. बताया जा रहा है कि दोनों ने इंटरकास्ट लव मैरिज की थी और उनका छह साल का एक बेटा भी है. हालांकि पिछले कुछ समय से पति को पत्नी के चरित्र पर शक था, जिसको लेकर दोनों के बीच लगातार विवाद हो रहा था.
बुधवार रात दोनों के बीच झगड़ा इतना बढ़ गया कि आरोपी ने फ्लैट का दरवाजा अंदर से बंद कर लिया और पत्नी पर चाकू से हमला कर दिया. महिला की चीखें सुनकर उसके पिता और आसपास के लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी.
मौके पर पहुंची पुलिस ने पहले दरवाजा खुलवाने की कोशिश की, लेकिन आरोपी ने दरवाजा नहीं खोला. हालात गंभीर होते देख पुलिसकर्मियों ने बिना देर किए दरवाजा तोड़ दिया और फ्लैट के अंदर घुस गए. अंदर का नजारा देखकर पुलिस भी हैरान रह गई. महिला खून से लथपथ हालत में पड़ी थी और आरोपी उसके पास मौजूद था.
पुलिस के मुताबिक आरोपी ने महिला के सिर और गले पर कई बार चाकू से वार किए थे. गंभीर रूप से घायल महिला को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने इमरजेंसी सर्जरी कर उसकी जान बचाई. फिलहाल महिला की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है.
इस पूरी कार्रवाई के बाद नागपुर पुलिस की हर तरफ तारीफ हो रही है. पुलिस कमिश्नर रविंद्र सिंघल ने भी इस ऑपरेशन में शामिल पुलिसकर्मियों को सम्मानित किया है. लोगों का कहना है कि अगर पुलिस समय पर कार्रवाई नहीं करती, तो एक बड़ा अपराध हो सकता था.

