Karachi Gul Plaza Fire: पाकिस्तान के कराची शहर के बहुमंजिला शॉपिंग कॉम्प्लेक्स गुल प्लाजा में लगी भीषण आग अब एक बड़ा हादसा बन गई है। बुधवार को एक ही दुकान से 30 शव मिलने के बाद मृतकों की संख्या बढ़कर 60 हो गई है। जियो न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार प्रशासन ने बताया कि अभी भी 80 से अधिक लोग लापता हैं और मलबे में दबे लोगों की तलाश जारी है।
कैसे हुई एक ही दुकान में इतनी मौतें?
पुलिस के अनुसार, मेज़ेनाइन फ्लोर पर स्थित एक क्रॉकरी की दुकान में 30 लोग खुद को बंद कर बैठे थे। वे आग और धुएं से बचना चाहते थे, लेकिन वही जगह उनकी मौत का कारण बन गई। दक्षिण कराची के डिप्टी कमिश्नर जावेद नबी खोसो ने बताया कि अब तक 48 शवों का पोस्टमार्टम पूरा हो चुका है और 15 की पहचान की जा चुकी है। बाकी की पहचान प्रक्रिया जारी है। उन्होंने कहा कि अभी भी 86 लोग लापता हैं और मलबा हटाने का काम लगातार चल रहा है।
शवों की पहचान क्यों मुश्किल?
पुलिस सर्जन ने बताया कि अस्पतालों में आने वाले शवों में कई पूरी तरह से नहीं हैं। कुछ केवल अवशेष के रूप में मिले हैं, जिससे यह तय करना मुश्किल हो रहा है कि ये कितने लोग हैं। कई परिवार अस्पताल और घटनास्थल का चक्कर लगा रहे हैं। गुल प्लाजा ट्रेडर्स एसोसिएशन का कहना है कि बाजार के रास्ते बंद नहीं थे और इमरजेंसी रैंप भी खुला था। बिजली समय पर काट दी गई, वरना और लोग अंदर फंस सकते थे। फिर भी सवाल यह है कि यदि रास्ते खुले थे, तो इतनी मौतें कैसे हुईं।
बम धमाके की आशंका की जांच
पुलिस और प्रशासन ने आग लगने के कारणों की कई कोणों से जांच शुरू कर दी है। बम निरोधक दस्ते इमारत के अलग-अलग हिस्सों से सैंपल ले रहे हैं। हालांकि अतिरिक्त आईजी ने साफ किया कि अब तक किसी आतंकी साजिश के सबूत नहीं मिले हैं। सिंध के मुख्यमंत्री मुराद अली शाह ने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना जताई और हर संभव मदद का भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि सरकार पीड़ित परिवारों को अकेला नहीं छोड़ेगी।
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