Bhupen Kumar Borah joins BJP: असम की राजनीति में रविवार को बड़ा घटनाक्रम देखने को मिला। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष भूपेन कुमार बोरा सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) में शामिल हो गए। गुवाहाटी स्थित बीजेपी मुख्यालय ‘वाजपेयी भवन’ में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने औपचारिक रूप से पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। इस मौके पर बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष दिलीप सैकिया समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
कांग्रेस से इस्तीफे के बाद नया राजनीतिक कदम
बोरा ने 16 फरवरी को कांग्रेस से इस्तीफा दिया था। हालांकि कांग्रेस हाईकमान ने उनके इस्तीफे को तुरंत स्वीकार नहीं किया और पार्टी के वरिष्ठ नेता उनके आवास पर उनसे मिलने पहुंचे। बताया जाता है कि राहुल गांधी ने भी उनसे बातचीत की थी। इसके बावजूद बोरा ने बीजेपी में शामिल होने का फैसला किया।
बीजेपी में शामिल होने के बाद बोरा ने कहा कि उनका इस्तीफा बीजेपी में जाने के उद्देश्य से नहीं था। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने कांग्रेस इसलिए छोड़ी क्योंकि वे चाहते थे कि पार्टी अपनी गलतियों पर आत्ममंथन करे और सुधार की दिशा में ठोस कदम उठाए। उन्होंने यह भी कहा कि जब कांग्रेस नेतृत्व उनसे मिलने आया तो उन्हें निराशा हुई और उनकी भावनाएं आहत हुईं।
विचारधारा और आत्मसम्मान का मुद्दा
बोरा ने कहा कि उन्होंने 32 वर्षों तक कांग्रेस की सेवा की और विचारधारा, अंतरात्मा तथा देशभक्ति के साथ पार्टी के लिए काम किया। लेकिन हाल के घटनाक्रमों से वे स्वयं को आहत महसूस कर रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने असमिया समुदाय की भावनाओं को भी ठेस पहुंचाई है। उनके साथ कांग्रेस के कई अन्य नेता और कार्यकर्ता भी बीजेपी में शामिल हुए, जिनमें संजू बोरा, राजेश कुमार जोशी, कंगन दास, गगन चंद्र बोरा और एक दर्जन से अधिक कार्यकर्ता शामिल हैं।
बीजेपी नेतृत्व का स्वागत
बीजेपी की ओर से बोरा का गर्मजोशी से स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि कांग्रेस छोड़ने के बाद बोरा के मन में कुछ कड़वाहट होना स्वाभाविक है, क्योंकि उन्होंने लंबे समय तक पार्टी की सेवा की है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि बीजेपी परिवार उन्हें पूरा सम्मान और सहयोग देगा।
प्रदेश अध्यक्ष दिलीप सैकिया ने कहा कि बोराह का अनुभव और प्रशासनिक समझ बीजेपी को और मजबूत करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री सरमा के कार्यों से प्रेरित होकर नए कार्यकर्ता बीजेपी से जुड़ रहे हैं।
चुनाव से पहले बढ़ी सियासी गतिविधियां
असम की 126 सदस्यीय विधानसभा के लिए मार्च-अप्रैल में चुनाव संभावित हैं। ऐसे समय में बोराह जैसे वरिष्ठ नेता का बीजेपी में शामिल होना राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित कर सकता है। यह घटनाक्रम राज्य की राजनीति में नए बदलावों का संकेत दे रहा है, जहां दलों के बीच रणनीतिक फेरबदल तेज हो गया है।

