पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में हिंसा के बाद हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं। समन्वित आतंकी हमलों के जवाब में सुरक्षा बलों ने लंबा सैन्य अभियान चलाया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों के मारे जाने की पुष्टि हुई है। प्रशासन इसे हाल के वर्षों की सबसे बड़ी कार्रवाई बता रहा है।
बलूचिस्तान में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने करीब 40 घंटे तक चले ऑपरेशन में 150 लोगों को ढेर कर दिया। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रांतीय मुख्यमंत्री सरफराज बुगती ने बताया कि यह अभियान प्रांत के विभिन्न इलाकों में हुए एक के बाद एक बंदूक और बम हमलों के जवाब में चलाया गया।
पाक सेना की मीडिया विंग इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (ISPR) के अनुसार, इस कार्रवाई के दौरान 92 उग्रवादियों को मार गिराया गया। वहीं, हिंसा की चपेट में आकर 15 आम नागरिकों की भी जान चली गई। देश के प्रमुख अखबार एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने सरकारी सूत्रों के हवाले से यह जानकारी दी है।
मुख्यमंत्री सरफराज बुगती ने बताया कि हालिया हमलों में पुलिस, फ्रंटियर कोर और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के कुल 17 जवान मारे गए हैं। इसके अलावा, पाकिस्तान नौसेना के एक अधिकारी की भी मौत की पुष्टि हुई है। इस तरह विभिन्न घटनाओं में कुल 31 लोगों की जान गई, जबकि कई अन्य घायल बताए जा रहे हैं।
दक्षिण-पश्चिमी पाकिस्तान का बलूचिस्तान प्रांत लंबे समय से अस्थिरता से जूझ रहा है, लेकिन मौजूदा हिंसा को हाल के वर्षों की सबसे गंभीर लहर माना जा रहा है। प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध यह इलाका ईरान और अफगानिस्तान की सीमाओं से सटा हुआ है। यहां सक्रिय विद्रोही संगठन लगातार सुरक्षा बलों, आम नागरिकों और अहम ढांचागत परियोजनाओं को निशाना बना रहे हैं।
पाकिस्तान के उप गृह मंत्री तलाल चौधरी ने आरोप लगाया कि हमलावर आम नागरिकों के भेष में अस्पतालों, स्कूलों, बैंकों और बाजारों में दाखिल हुए और फिर अचानक फायरिंग शुरू कर दी। उन्होंने कहा कि कई जगहों पर दुकानों में काम कर रहे निर्दोष लोगों को निशाना बनाया गया और नागरिकों को मानव ढाल की तरह इस्तेमाल किया गया। चौधरी के मुताबिक, लगभग हर घटना में हमलावर पहले आम आदमी बनकर आए और फिर अंधाधुंध हिंसा को अंजाम दिया।
इन हमलों की जिम्मेदारी अलगाववादी संगठन बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने ली है। संगठन का दावा है कि उसने ‘हीरोफ’ या ‘काला तूफान’ नाम से एक व्यापक अभियान चलाया, जिसके तहत पूरे बलूचिस्तान में सुरक्षा बलों को निशाना बनाया गया। BLA ने यह भी कहा है कि उसके हमलों में 80 से अधिक सुरक्षाकर्मी मारे गए और 18 को बंदी बना लिया गया।
गौरतलब है कि बलूचिस्तान क्षेत्रफल के लिहाज से पाकिस्तान का सबसे बड़ा, लेकिन आर्थिक रूप से सबसे पिछड़ा प्रांत है। यहां दशकों से अलगाववादी आंदोलन चल रहा है। बलूच समुदाय के संगठन लंबे समय से अधिक स्वायत्तता और प्रांत के प्राकृतिक संसाधनों में न्यायसंगत हिस्सेदारी की मांग करते रहे हैं।
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