होम = Cover Story Latest = आपको देखकर बहुत अच्छा लगा…जब एमएस धोनी ने टीम इंडिया को दी विश्वकप जीत की बधाई, कोच साहब को लेकर कही ये बात

आपको देखकर बहुत अच्छा लगा…जब एमएस धोनी ने टीम इंडिया को दी विश्वकप जीत की बधाई, कोच साहब को लेकर कही ये बात

2026 के आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप में भारत की गौतम गंभीर की कप्तानी में न्यूजीलैंड पर शानदार 96 रनों की जीत ने न केवल भारतीय टीम को तीसरा खिताब दिलाया, बल्कि उनके और पूर्व कप्तान एमएस धोनी के बीच दोस्ताना संबंधों को भी सामने लाया। खिताबी मुकाबले के कुछ ही मिनटों बाद, धोनी ने अपने लंबे समय के सोशल मीडिया मौन को तोड़ते हुए गंभीर के लिए इंस्टाग्राम पर एक भावपूर्ण संदेश साझा किया। पोस्ट में उन्होंने गंभीर की मुस्कान और उनके समर्पण की सराहना की। वीवीआईपी स्टैंड से फाइनल मैच देखने वाले धोनी ने लिखा कि गंभीर की मुस्कान और उनका उत्साह उन्हें बहुत भाया।

गंभीर का सरल और विनम्र जवाब

धोनी की इस प्रशंसा के तुरंत बाद, गौतम गंभीर ने सोशल मीडिया पर सरल टिप्पणी के माध्यम से जवाब दिया। उन्होंने कहा कि मुस्कुराने की कितनी अच्छी वजह है, आपको देखकर बहुत अच्छा लगा! गंभीर के इस जवाब ने दर्शकों और प्रशंसकों को उनके आपसी सम्मान और टीम भावना का एहसास कराया।

सालों से धोनी और गंभीर के बीच सोशल मीडिया पर तनावपूर्ण संबंधों की अटकलें चलती रही हैं, लेकिन दोनों ने हमेशा सार्वजनिक तौर पर सम्मान और पेशेवर व्यवहार बनाए रखा है। इस घटना ने यह दिखाया कि क्रिकेट की भावना और दोस्ती व्यक्तिगत मतभेदों से ऊपर है।

गंभीर की दुर्लभ उपलब्धि

गौतम गंभीर ने क्रिकेट इतिहास में एक अनोखा रिकॉर्ड स्थापित किया। वह एकमात्र व्यक्ति बन गए हैं जिन्होंने आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप में खिलाड़ी और मुख्य कोच दोनों के रूप में खिताब जीतने का गौरव हासिल किया। गंभीर 2007 में टीम का हिस्सा थे जब भारत ने पहला टी20 विश्व कप जीता, और 2026 में उन्होंने कोच के रूप में टीम को खिताब दिलाया।

इस जीत ने उनके आईसीसी फाइनल रिकॉर्ड को भी अजेय बनाए रखा। गंभीर के नेतृत्व में भारत ने खिताबी मुकाबलों में कभी हार नहीं देखी, चाहे वह खिलाड़ी के रूप में हो या कोच के रूप में। उनके साहसिक रणनीतिक निर्णय और विवादास्पद टीम चयन के बावजूद यह जीत आलोचनाओं पर विराम लगाने के लिए पर्याप्त साबित हुई।

टीम और कोचिंग की प्रशंसा

गंभीर ने मैच के बाद यह भी कहा कि खिलाड़ियों ने ही उन्हें ऐसा कोच बनाया है जो आज हैं। उन्होंने टीम की मेहनत और साहस की सराहना करते हुए कहा कि जीत का श्रेय केवल उनके प्रयासों का परिणाम नहीं है, बल्कि पूरी टीम की मेहनत और समर्पण का प्रतिफल है।

धोनी और गंभीर के बीच इस दोस्ताना संवाद ने भारतीय क्रिकेट के लिए टीम भावना और पेशेवर सम्मान की मिसाल पेश की। इस तरह की घटनाएँ यह दिखाती हैं कि व्यक्तिगत मतभेदों को पीछे रखते हुए टीम की सफलता को प्राथमिकता दी जा सकती है।

फाइनल में भारत का प्रदर्शन

नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए फाइनल में भारत ने बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में दबदबा बनाया। टीम ने 255 रन बनाकर न्यूजीलैंड को चुनौती दी और फिर उन्हें 159 रन पर ऑल आउट कर करारी शिकस्त दी। इस जीत ने भारतीय क्रिकेट के लिए एक नया अध्याय जोड़ा और गौतम गंभीर के कोचिंग करियर को एक नई ऊँचाई दी।

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