Republic Day 2026: देश का 77वां गणतंत्र दिवस 2026 बेहद भव्य और यादगार तरीके से मनाया जाएगा। राजधानी दिल्ली में सुरक्षा को लेकर अधिकारियों ने अलर्ट बढ़ा दिया है। इस बार सुरक्षा व्यवस्था को पहले से और अधिक कड़ा किया गया है, जिसमें ड्रोन निगरानी, स्नाइपर और आधुनिक तकनीक का व्यापक उपयोग किया गया है। पूरे राजपथ और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं ताकि समारोह पूरी तरह से सुरक्षित रूप से संपन्न हो सके।
राजधानी में सुरक्षा की स्थिति
दिल्ली पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों ने संयुक्त रूप से हाई अलर्ट जारी किया है। राजपथ, राष्ट्रपति भवन, इंडिया गेट और अन्य प्रमुख स्थलों पर भारी सुरक्षा तैनात की गई है। सुरक्षा कर्मियों के अलावा सीसीटीवी कैमरे, जेम्सन इंटेलिजेंस सिस्टम और निगरानी ड्रोन का भी इस्तेमाल किया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि यह सुनिश्चित करने के लिए किया गया है कि कोई भी अप्रिय घटना न हो और कार्यक्रम पूरी तरह से शांतिपूर्ण रूप से संपन्न हो।
ड्रोन निगरानी और तकनीकी सुरक्षा
इस बार गणतंत्र दिवस समारोह में ड्रोन निगरानी का विशेष प्रबंध किया गया है। ड्रोन के जरिए समारोह स्थल और आसपास के इलाके लगातार मॉनिटर किए जाएंगे। इसके अलावा एयरस्पेस को भी सख्ती से नियंत्रित किया गया है। अनधिकृत ड्रोन या एयरक्राफ्ट के आने पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी।
गणतंत्र दिवस परेड में केरल 2023 शामिल हुआ था
बता दें कि केरल आखिरी बार 2023 की गणतंत्र दिवस परेड में शामिल हुआ था। उस वर्ष राज्य ने अपनी झांकी में नारी शक्ति और महिला सशक्तिकरण की लोक परंपराओं को प्रमुखता से प्रस्तुत किया था। झांकी में कलारीपयट्टू, आदिवासी तालवाद्य और महिलाओं की शिक्षा से जुड़ी उपलब्धियों को दर्शाया गया था।
उस प्रस्तुति में कार्तियानी अम्मा, जिन्होंने 96 वर्ष की उम्र में साक्षरता परीक्षा में प्रथम स्थान हासिल किया, और नानचियम्मा, जो राष्ट्रीय पुरस्कार पाने वाली पहली आदिवासी महिला प्लेबैक सिंगर बनीं, जैसे प्रेरणादायक व्यक्तित्वों को शामिल किया गया था। इन उदाहरणों ने केरल की सामाजिक प्रगति और सांस्कृतिक समृद्धि को राष्ट्रीय मंच पर उजागर किया।
