भारत 77वें गणतंत्र दिवस पर देशभर में उत्साह और गर्व के साथ समारोह मना रहा है। इस बार की परेड में कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी भी मौजूद रहे। पिछले साल स्वतंत्रता दिवस समारोह में उनकी गैरमौजूदगी पर उन्हें आलोचना का सामना करना पड़ा था, लेकिन इस बार वह कर्तव्य पथ पर होने वाली परेड को बारीकी से देखते नजर आए। उनके साथ आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता भी मौजूद थीं। सफेद टीशर्ट में राहुल गांधी झांकियों और परेड के प्रत्येक हिस्से को ध्यान से देख रहे थे।
इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन, और यूरोपीय परिषद प्रमुख एंटोनियो कोस्टा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इसके अलावा रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय मंत्रिमंडल के अन्य सदस्य, विदेश मंत्री एस. जयशंकर, और भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी भी समारोह में उपस्थित रहे।
विशेष रूप से सार्वजनिक कार्यक्रमों में गैरमौजूदगी को लेकर राहुल गांधी अक्सर आलोचनाओं के घेरे में आते रहे हैं। इस बार उनकी उपस्थिति ने आलोचकों की पुरानी बातों पर विराम लगा दिया। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल भी परेड में उपस्थित रहे।
गणतंत्र दिवस परेड में एक महत्वपूर्ण क्षण रहा सीआरपीएफ की सहायक कमांडेंट सिमरन बाला का नेतृत्व। जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले के नौशेरा सेक्टर में जन्मी सिमरन बाला ने अर्द्धसैनिक बल की 147 पुरुषों की टुकड़ी का नेतृत्व किया। यह टुकड़ी मार्चपास्ट करती हुई कर्तव्य पथ पर गर्व से दिखाई दी।
इस वर्ष की परेड का थीम ‘वंदे मातरम’ रखा गया। बंकिम चंद्र चटर्जी द्वारा रचित इस गीत को झांकियों और परेड की सजावट में प्रमुख रूप से शामिल किया गया। समारोह में वॉटरमार्क और निमंत्रण पत्र में भी ‘वंदे मातरम’ अंकित रहा।
परेड में कुल 30 झांकियां शामिल की गईं, जिनमें 17 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के साथ-साथ 13 मंत्रालयों की झांकियां भी थी। कर्तव्य पथ की विजिटर्स गैलरी का नाम भारत की प्रमुख नदियों गंगा, यमुना, कृष्णा, नर्मदा और पेरियार के नाम पर रखा गया था।
सैन्य शक्ति का प्रदर्शन इस बार भी शानदार रहा। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय वायुसेना के राफेल जेट्स ने 900 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ान भरी और चार्ली फारमेशन में फ्लाइ-पास्ट किया। इसके साथ ही परेड में पैराट्रूपर्स और सूर्यास्त्र जैसे अद्भुत सैन्य प्रदर्शन ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
इस तरह 77वें गणतंत्र दिवस पर परेड ने भारत की सांस्कृतिक विविधता, सैन्य शक्ति और विकास यात्रा का शानदार प्रदर्शन किया। राहुल गांधी की मौजूदगी और वंदे मातरम थीम ने समारोह को और भी विशेष बना दिया।
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