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ग्रेटर नोएडा में एमबीए के छात्रा ने 13वीं मंजिल से कूदकर की आत्महत्या, सामने आई ये वजह

MBA student suicide Greater Noida: ग्रेटर नोएडा पश्चिम में सोमवार और मंगलवार की रात के बीच एक 25 वर्षीय मास्टर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (MBA) छात्रा ने कथित तौर पर अपने फ्लैट की 13वीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली। घटना के समय उसके माता-पिता घर पर सो रहे थे और उन्हें इस घटना की जानकारी नहीं थी। मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है।

मानसिक स्थिति

सहायक पुलिस आयुक्त पवन कुमार ने बताया कि प्रारंभिक जांच में पता चला है कि छात्रा हाल ही में एक दोस्ती टूटने के बाद अवसादग्रस्त हो गई थी। उन्होंने कहा कि जब पुलिस ने उसके कॉलेज प्रशासन (पंजाब के मोहाली स्थित) से संपर्क किया, तो यह जानकारी मिली कि छात्रा ने परिसर में दो बार आत्महत्या का प्रयास किया था। इन घटनाओं के बाद कॉलेज ने उसे घर भेज दिया और वापस आने से इनकार कर दिया। तब से वह अपने घर में ही रह रही थी।

घटनास्थल और प्रारंभिक जांच

एक अन्य अधिकारी ने बताया कि घटना के समय इमारत का सुरक्षा गार्ड वहां से गुजर रहा था और उसने छात्रा को खून से लथपथ मृत पाया। इसके बाद तुरंत सोसाइटी प्रबंधन को सूचित किया गया और आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर 112 के माध्यम से पुलिस को खबर दी गई।

जांचकर्ताओं ने कहा कि सोसाइटी निवासियों को छात्रा की तस्वीर दिखाई गई, जिसके बाद उसके फ्लैट नंबर की पहचान हुई। 13वीं मंजिल के गलियारे में एक स्टूल और उसकी चप्पलें पाई गईं, जिससे संदेह है कि छात्रा आधी रात को अपने फ्लैट से बाहर निकली और कूदकर आत्महत्या कर ली।

पुलिस कार्रवाई

पुलिस ने छात्रा के घर से उसका मोबाइल फोन जब्त कर लिया है, जिसे जांच के लिए प्रयोग किया जाएगा। पुलिस मामले की गंभीरता को देखते हुए घटना के सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है।

परिवार की पृष्ठभूमि

जानकारी के अनुसार, छात्रा के माता-पिता और एक भाई हरियाणा के गुरुग्राम में काम करते हैं। घटना के बाद परिवार को सूचना दी गई और मंगलवार को छात्रा का पोस्टमार्टम किया गया। परिवार और पुलिस के बीच सहयोग के साथ आगे की जांच जारी है।

सुरक्षा पहलुओं पर ध्यान

घटना ने मानसिक स्वास्थ्य और सुरक्षा व्यवस्थाओं की आवश्यकता पर सवाल उठाए हैं। छात्रा की मानसिक स्थिति और लगातार अवसादग्रस्त रहने की जानकारी थी, लेकिन पर्याप्त सहायता और निगरानी नहीं मिल पाई। इसके अलावा, इमारत की सुरक्षा व्यवस्था भी इस मामले में सवालों के घेरे में है क्योंकि छात्रा बिना किसी रोक-टोक के 13वीं मंजिल तक जा सकी।

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