KGMU Conversion Case: लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) से जुड़ा धर्मांतरण और यौन उत्पीड़न का मामला लगातार नए मोड़ ले रहा है। इस हाई-प्रोफाइल केस में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। लखनऊ पुलिस ने डॉ. रमीज मलिक के साथी और अहम गवाह शारिक खान को पीलीभीत से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की गिरफ्तारी के दौरान इलाके में अफरा-तफरी का माहौल देखने को मिला।
पुलिस टीम ने पीलीभीत में दबिश देकर शारिक खान को हिरासत में लिया और उसे चौक कोतवाली पुलिस लखनऊ ले आई है। फिलहाल आरोपी से पूछताछ की जा रही है, जबकि मामले से जुड़े अन्य फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।
धर्मांतरण के बाद निकाह में गवाह था शारिक खान
पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार शारिक खान, डॉ. रमीज मलिक के पिता सलीमुद्दीन के करीबी मित्र का रिश्तेदार है। यही नहीं, शारिक खान रमीज मलिक की पहली पत्नी के धर्मांतरण के बाद हुए निकाह में गवाह भी रहा है।
पुलिस को संदेह है कि शारिक खान को पूरे घटनाक्रम की पहले से जानकारी थी और वह धर्मांतरण की प्रक्रिया में सक्रिय भूमिका निभा रहा था। इसी आधार पर उसे आरोपी बनाया गया और गिरफ्तार किया गया है।
दिसंबर 2025 में सामने आया था सनसनीखेज मामला
यह पूरा मामला दिसंबर 2025 में उस समय सामने आया, जब KGMU की एक जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर ने गंभीर आरोप लगाए। पीड़िता के अनुसार, रेजिडेंट डॉक्टर रमीज मलिक ने शादी का झांसा देकर उसके साथ यौन शोषण किया, गर्भपात कराया और उस पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया।
पीड़िता की शिकायत के आधार पर 23 दिसंबर 2025 को चौक कोतवाली में रमीज मलिक के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। इसके बाद पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू की और उसके पैतृक आवास पर फरारी का नोटिस भी चस्पा किया गया।
आगरा की महिला डॉक्टर के धर्मांतरण का भी खुलासा
जांच के दौरान पुलिस को यह भी जानकारी मिली कि रमीज मलिक ने इससे पहले आगरा की एक महिला डॉक्टर का धर्मांतरण कराकर निकाह किया था। यह निकाह पीलीभीत के सदर कोतवाली क्षेत्र में हुआ था, जिसे काजी जाहिद हसन राणा ने पढ़ाया था। इसी निकाह में शारिक खान गवाह के तौर पर मौजूद था। पीड़िता की तहरीर के आधार पर काजी जाहिद हसन राणा और शारिक खान दोनों को इस मामले में सह-आरोपी बनाया गया।
पहले भी हो चुकी हैं कई गिरफ्तारियां
इस केस में पुलिस पहले ही कई आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। 5 जनवरी को रमीज मलिक के पिता सलीमुद्दीन और महिला रिश्तेदार खतीजा को जेल भेजा गया था।
वहीं, इस मामले के मुख्य आरोपी और 50 हजार रुपये के इनामी डॉ. रमीज मलिक को 9 जनवरी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था।
पुलिस की कार्रवाई जारी
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और धर्मांतरण नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी गहन जांच की जा रही है। फरार काजी की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस का दावा है कि सभी आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर कानून के मुताबिक सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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