Rajasthan student death: राजस्थान के जालोर जिले में शुक्रवार को छह वर्षीय बच्ची प्रीति की मौत ने पूरे इलाके को शोक में डाल दिया। प्रीति, जो मरुधर शिक्षण संस्थान की दूसरी कक्षा की छात्रा थी, दोपहर के भोजन के दौरान अन्य बच्चों के साथ खेल रही थी। इसी बीच स्कूल के अंदर अस्थायी ब्लैकबोर्ड गिर गया, जिससे वह मलबे के नीचे दब गई। स्थानीय लोगों और स्कूल कर्मचारियों ने तुरंत उसे अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
बांस के खंभों से बनीं क्लास
प्रारंभिक जांच में पता चला कि स्कूल की इमारत अस्थायी ढांचे वाली थी। कक्षाएं 5 से 7 फीट ऊंची सीमेंट की ईंटों और बांस के खंभों से बनाई गई थीं, और छत तिरपाल की चादरों से ढकी थी। ब्लैकबोर्ड को सहारा देने वाली दीवार अचानक गिर गई, जिससे छात्रा मलबे में दब गई। स्कूल में लगभग 350 छात्र नामांकित थे और यह भवन लगभग पांच-छह साल पहले शुरू किया गया था।
राजस्थान में स्कूल भवन हादसों का इतिहास
जालोर त्रासदी पिछले साल जुलाई में झालावाड़ में हुई एक हादसे की याद दिलाती है, जिसमें सरकारी स्कूल की छत गिरने से सात छात्रों की मौत हुई थी। इसके बाद जैसलमेर में भी एक स्कूल के प्रवेश द्वार और खंभे गिरने से सात वर्षीय छात्र की जान चली गई थी। इन घटनाओं के बावजूद ग्रामीण क्षेत्रों में अस्थायी और कमजोर संरचनाओं वाले स्कूलों में सुरक्षा समस्याएँ लगातार बनी हुई हैं।
स्कूल संचालक की तालाश में पुलिस
हादसे के तुरंत बाद पुलिस ने स्कूल संचालक की गिरफ्तारी के प्रयास शुरू किए, लेकिन बाद में पता चला कि संचालक अस्पताल पहुंच गया था। जिला कलेक्टर प्रदीप गावंडे ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और सुरक्षा मानकों के उल्लंघन की जांच के आदेश दिए। जिला शिक्षा अधिकारी भंवरलाल परमार ने एक समिति का गठन किया है, जो अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपेगी। रिपोर्ट के आधार पर स्कूल प्रशासन के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

