Father murder Lucknow: उत्तर प्रदेश के लखनऊ मामले में नई जानकारी निकलकर सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार, लखनऊ के एक इलाके में 19 फरवरी की रात को मानवेंद्र सिंह जब घर पहुंचे तो उन्हें पता चला कि उनके पास रखे 50 लाख रुपये नकद गायब हो चुके हैं। जब उन्होंने अपने बेटे अक्षत प्रताप सिंह से सवाल किया तो सामने आया कि अक्षत ने ये पैसे चुराए थे। वजह थी शराब के ठेके के लाइसेंस का नवीनीकरण। पड़ोसियों के मुताबिक, ऑनलाइन आवेदन की आखिरी तारीख 23 फरवरी थी, इसलिए अक्षत ने जल्दबाजी में पैसे निकाल लिए थे। यह खुलासा होते ही बात बहस में बदल गई। गुस्साए मानवेंद्र ने बेटे को थप्पड़ मारा और क्रोध में आकर उस पर राइफल भी तान दी। इस घटना ने अक्षत के मन में गहरा आक्रोश भर दिया।
सुबह-सुबह की क्रूर घटना
अगले दिन यानी 20 फरवरी की सुबह करीब चार बजे अक्षत अपने पिता के कमरे में पहुंचा। उसने राइफल उठाई और सो रहे मानवेंद्र पर गोली चला दी। मौत तुरंत हो गई। इसके बाद अक्षत ने शव को तीसरी मंजिल से नीचे खाली कमरे में ले जाकर एक मशीन की मदद से टुकड़े-टुकड़े कर दिया। सूत्र बताते हैं कि उसने घुटनों के नीचे से दोनों टांगें काटीं, हाथ अलग किए और सिर को धड़ से अलग कर दिया।
कटे हुए हिस्सों को उसने दो दिनों के भीतर लखनऊ के सदराउना इलाके के आसपास, घर से लगभग 21 किलोमीटर दूर ठिकाने लगा दिया। धड़ को नीले ड्रम में स्लीपिंग बैग में लपेटकर कार में रखा था। 22 फरवरी को जब वह शव को दूर ले जाने की तैयारी कर रहा था, तभी शराब की दुकान का अकाउंटेंट आ पहुंचा, जिससे उसका प्लान टल गया। बदबू छिपाने के लिए वह घर में रूम फ्रेशनर का इस्तेमाल करता रहा।
बहन को दी धमकी
इस पूरी घटना की एकमात्र गवाह अक्षत की बहन थी, जिसे उसने चुप रहने की कड़ी धमकी दी। पुलिस का ध्यान भटकाने के लिए अक्षत ने खुद अपने पिता की लापता होने की रिपोर्ट भी थाने में दर्ज करा दी।
प्रेमिका का कनेक्शन
पड़ोसियों का कहना है कि हत्या से पहले भी अक्षत ने घर से गहने और नकदी चुराई थी। उसने इल्जाम नौकरानी पर लगाया था। ये सब उसने अपनी प्रेमिका को महंगे गिफ्ट देने और ऐशो-आराम की जिंदगी जीने के लिए किया। मानवेंद्र को बेटे के इस रिश्ते और नशे की लत की पूरी जानकारी थी, जिससे वह बेहद परेशान रहते थे। पुलिस को पता चला है कि अक्षत ने एक अज्ञात व्यक्ति के बैंक खाते में भी बड़ी राशि ट्रांसफर की थी। जांच में ये खाते खंगाले जा रहे हैं।
अदालत में जताया पछतावा
जब अक्षत को अदालत से बाहर लाया जा रहा था, तब एनडीटीवी के संवाददाता ने उससे पूछा कि क्या उसे पिता की हत्या का अफसोस है। अक्षत ने सिर झुकाए हुए बिना कुछ बोले सिर्फ “हां” में सिर हिलाया। उसने यह भी साफ किया कि इस अपराध में परिवार का कोई और सदस्य शामिल नहीं है।

