होम = Cover Story Global = संसद में करें सामना…15 प्रतिशत टैरिफ को लेकर नील कात्याल ने ट्रंप पर साधा निशाना

संसद में करें सामना…15 प्रतिशत टैरिफ को लेकर नील कात्याल ने ट्रंप पर साधा निशाना

अमेरिका की राजनीति और व्यापारिक नीतियों में एक बार फिर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। सुप्रीम कोर्ट से झटका मिलने के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी कार्यकारी शक्तियों का उपयोग करते हुए दुनिया के कई देशों पर 15 फीसदी टैरिफ लगाने की घोषणा कर दी। इससे पहले अदालत ने उनके प्रस्तावित ‘रेसिप्रोकल टैरिफ’ को असंवैधानिक करार देते हुए निरस्त कर दिया था। कोर्ट के फैसले के तुरंत बाद ट्रंप प्रशासन ने ट्रेड कानून के सेक्शन 122 का सहारा लेते हुए पहले 10 फीसदी टैरिफ लागू किया और कुछ ही घंटों में इसे बढ़ाकर 15 फीसदी कर दिया।

नील कात्याल की तीखी प्रतिक्रिया

टैरिफ आदेश को अदालत में चुनौती देकर जीत हासिल करने वाले भारतीय मूल के वरिष्ठ वकील Neal Katyal ने राष्ट्रपति के इस कदम की खुलकर आलोचना की है। कात्याल का कहना है कि यदि राष्ट्रपति को टैरिफ लागू करना ही है, तो उन्हें संसद (कांग्रेस) से अनुमति लेनी चाहिए। उनके अनुसार, सुप्रीम कोर्ट द्वारा आदेश खारिज किए जाने के बाद कार्यकारी शक्तियों का इस्तेमाल करना संवैधानिक भावना के खिलाफ है। कात्याल ने सवाल उठाया कि यदि टैरिफ नीति उचित है तो सरकार उसे विधायी प्रक्रिया के जरिए पारित क्यों नहीं कराती।

सुप्रीम कोर्ट में मजबूत पैरवी

नील कात्याल और उनके सहयोगी प्रतीक शाह ने टैरिफ मामले में प्रभावी ढंग से बहस की थी। कात्याल पूर्व राष्ट्रपति Barack Obama के कार्यकाल में अमेरिका के कार्यवाहक सॉलिसिटर जनरल रह चुके हैं। यह पद न्याय विभाग में बेहद अहम माना जाता है, क्योंकि सॉलिसिटर जनरल सुप्रीम कोर्ट में सरकार का पक्ष रखते हैं। कात्याल अब तक अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में 50 से अधिक बार बहस कर चुके हैं, जो किसी भी भारतीय-अमेरिकी वकील के लिए उल्लेखनीय उपलब्धि मानी जाती है।

ग्वांतानामो बे से ट्रैवल बैन तक

कात्याल ने कई ऐतिहासिक मामलों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने ग्वांतानामो बे के कैदियों के सैन्य ट्रिब्यूनल के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ी और जीत दर्ज की, जिसे अमेरिकी न्यायिक इतिहास में एक अहम फैसला माना जाता है। इसके अलावा, उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump की ट्रैवल बैन जैसी नीतियों को भी अदालत में चुनौती दी थी।

कौन हैं नील कात्याल

शिकागो में जन्मे कात्याल के माता-पिता मूल रूप से पंजाब, भारत से अमेरिका जाकर बसे थे। उनकी मां बाल रोग विशेषज्ञ और पिता इंजीनियर थे। कात्याल प्रतिष्ठित लॉ फर्म Hogan Lovells में पार्टनर हैं और Georgetown University में कानून के प्रोफेसर भी हैं। कानूनी मामलों पर उनकी विशेषज्ञ राय के कारण वे अमेरिकी समाचार चैनलों पर नियमित रूप से विश्लेषक के रूप में दिखाई देते हैं।

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