Hyderabad Bus Driver: हैदराबाद में नेशनल हाईवे पर चल रही एक यात्री बस उस वक्त खतरे में आ गई, जब चालक को अचानक सीने में तेज दर्द उठा। मामला मियापुर से विजयवाड़ा जा रही आंध्र प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (APSRTC) की बस का है। बस में 18 यात्री सवार थे और चालक को ड्यूटी के दौरान हार्ट अटैक आ गया। बावजूद इसके, ड्राइवर ने सूझबूझ और साहस का परिचय देते हुए यात्रियों की जान सुरक्षित रखी।
दर्द में भी नहीं छोड़ा नियंत्रण
विजयवाड़ा के गोल्लापुड़ी निवासी 39 वर्षीय कटरापु नागराजू अमरावती एसी बस चला रहे थे। जैसे ही बस हैदराबाद–विजयवाड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग पर चौटुप्पल इलाके के पास पहुंची, उन्हें अचानक सीने में असहनीय दर्द महसूस हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तकलीफ के बावजूद नागराजू ने घबराहट नहीं दिखाई और पूरी सतर्कता के साथ बस को सर्विस रोड की ओर मोड़ा।
सड़क किनारे बस रोककर बचाई यात्रियों की जान
नागराजू ने बस को सुरक्षित तरीके से सड़क के किनारे खड़ा किया और ब्रेक लगाकर 18 यात्रियों को संभावित हादसे से बचा लिया। इसके बाद वह खुद इलाज के लिए पास के एक निजी क्लिनिक की ओर बढ़े, लेकिन कुछ ही कदम चलने के बाद बेहोश हो गए। यात्रियों और स्थानीय लोगों ने तुरंत उनकी मदद की और ऑटो-रिक्शा से उन्हें अस्पताल ले जाया गया।
अस्पताल पहुंचने से पहले टूट गई सांसें
पहले एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टर उपलब्ध नहीं थे। इसके बाद नागराजू को यादद्री भुवनगिरी जिले के चौटुप्पल सरकारी अस्पताल पहुंचाया गया। वहां जांच के बाद डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। ईसीजी रिपोर्ट में हार्ट अटैक की पुष्टि हुई।
अंतिम क्षणों तक निभाया फर्ज
बस में सवार एक यात्री ने बताया कि नागराजू चाहें तो खुद को बचाने के लिए तेज रफ्तार में अस्पताल तक बस ले जा सकते थे, लेकिन उन्होंने यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी। अगर वे नियंत्रण खो देते, तो हाईवे पर बड़ा हादसा हो सकता था। अपने आखिरी पलों में भी उन्होंने जिम्मेदारी और इंसानियत की मिसाल कायम की। यह घटना न सिर्फ एक कर्तव्यनिष्ठ ड्राइवर की कहानी है, बल्कि साहस, सेवा और त्याग का ऐसा उदाहरण है, जिसे लंबे समय तक याद रखा जाएगा।
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