Baloch Insurgency Pakistan: मई में भारत के साथ टकराव के दौरान आक्रामक तेवर दिखाने वाला पाकिस्तान अब अपने ही घर में गंभीर चुनौती का सामना कर रहा है। बलोचिस्तान में सक्रिय विद्रोही गुटों के आगे पाकिस्तानी सुरक्षा बलों की स्थिति कमजोर नजर आने लगी है। बलोचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) लगातार हमलों और वीडियो के जरिए अपनी ताकत दिखा रही है, वहीं पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने संसद में खुले तौर पर हालात की गंभीरता स्वीकार की है।
बलोचिस्तान में बढ़ती हिंसा और हमलों के बीच इस्लामाबाद की बेचैनी अब सार्वजनिक मंचों पर झलकने लगी है। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने संसद में कहा कि बलोचिस्तान का विशाल और दुर्गम इलाका सुरक्षा बलों के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। उनके इस बयान से यह साफ संकेत मिलता है कि सरकार और सेना, बलोच विद्रोहियों के दबाव में हैं और हालात पर पकड़ कमजोर पड़ती जा रही है।
क्या बलोच विद्रोहियों की ताकत से घबराया पाकिस्तान?
नेशनल असेंबली में चर्चा के दौरान ख्वाजा आसिफ ने कहा कि बलोचिस्तान लिबरेशन आर्मी अब सिर्फ एक सीमित विद्रोही संगठन नहीं रही। उनके अनुसार, यह एक संगठित नेटवर्क का रूप ले चुकी है, जिसके नाम का इस्तेमाल कर कई आपराधिक गिरोह तस्करी और अवैध गतिविधियां चला रहे हैं। उन्होंने यह भी माना कि जमीनी सच्चाई यह है कि विद्रोही आधुनिक हथियारों से लैस हैं और स्थानीय भूगोल का रणनीतिक रूप से फायदा उठा रहे हैं। रक्षा मंत्री के मुताबिक, कुछ हथियार ऐसे हैं जो विद्रोहियों के पास हैं, लेकिन पाकिस्तानी सेना के पास नहीं।
विशाल क्षेत्र, सीमित नियंत्रण
ख्वाजा आसिफ ने संसद को बताया कि बलोचिस्तान पाकिस्तान के कुल क्षेत्रफल का 40 प्रतिशत से अधिक हिस्सा है। इतनी बड़ी और कठिन भौगोलिक संरचना वाले इलाके में सुरक्षा बनाए रखना किसी घनी आबादी वाले शहर के मुकाबले कहीं ज्यादा चुनौतीपूर्ण है। उन्होंने स्वीकार किया कि बड़ी संख्या में सैनिकों की मौजूदगी के बावजूद, पूरे क्षेत्र की निगरानी और नियमित गश्त करना सुरक्षा बलों की क्षमताओं पर भारी पड़ रहा है। उनके इस बयान को सरकार की मजबूरी और रणनीतिक कमजोरी के तौर पर देखा जा रहा है।
बलोच विद्रोहियों के पास महंगे और आधुनिक हथियार
रक्षा मंत्री ने यह भी खुलासा किया कि बलोचिस्तान में सक्रिय विद्रोहियों के पास अत्याधुनिक और बेहद महंगे हथियार मौजूद हैं। उनके अनुसार, विद्रोही लगभग 20 लाख रुपये तक की राइफलें, 4,000 से 5,000 डॉलर कीमत के थर्मल और लेजर उपकरणों का इस्तेमाल कर रहे हैं। इतना ही नहीं, हर लड़ाके के पास करीब 20,000 डॉलर का पूरा कॉम्बैट गियर पैकेज मौजूद है, जो उनकी सैन्य क्षमता को और मजबूत बनाता है।
बलोचिस्तान में अतिरिक्त सैन्य तैनाती की जरूरत
ख्वाजा आसिफ ने कहा, “इतने बड़े और कठिन इलाके को नियंत्रित करना किसी शहर को संभालने जैसा नहीं है। हमारे सैनिक मैदान में मौजूद हैं और लगातार ऑपरेशन कर रहे हैं, लेकिन जब बात पूरे क्षेत्र की सुरक्षा और निगरानी की आती है, तो शारीरिक और संसाधन सीमाएं सामने आ जाती हैं।” उनके इस बयान से बलोचिस्तान में हालात की गंभीरता और पाकिस्तान की बढ़ती चिंता साफ झलकती है।
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