दिल्ली के भारत मंडपम में एआई इम्पैक्ट समिट 2026 का आयोजन किया जा रहा है। इस समिट में 100 से अधिक देशों के प्रतिनिधि और 22 देशों के राष्ट्राध्यक्षों ने हिस्सा लिया. इसके साथ ही 500 AI लीडर भी ने भी इस समिट में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। लेकिन शुक्रवार की दोपहर यूथ कांग्रेस की एक शर्मनाक हरकत से देश शर्मसार हो गया। दरअसल, यूथ कांग्रेस के कुछ कार्यकर्ता भारत मंडपम पहुंचे और अचानक से शर्टलैस होकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। इससे कार्यक्रम स्थल पर अराजकता की स्थिति बन गई।
यूथ कांग्रेस ने क्यों किया प्रोटेस्ट?
दरअसल, यूथ कांग्रेस प्रदर्शनकारियों का कहना था कि अमेरिका के साथ किए गए व्यापार समझौते से भारत को लाभ नहीं मिल रहा है। इसे लेकर सरकार के निर्णय के खिलाफ विरोध करना जरूरी है। उनका विरोध मुख्य रूप से नए व्यापार ढांचे पर केंद्रित था, जिसे विपक्षी दल कांग्रेस ने पहले भी आलोचना का विषय बनाया था। यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने जो टीशर्ट पहनी हुई थी, इस टीशर्ट पर लिखा हुआ था, PM Compromised। दिल्ली पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और सभी प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया।
पुलिस ने तिलक मार्ग थाने ले गई। पुलिस का कहना है कि सभी के खिलाफ लीगल एक्शन लिया जाएगा। पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों में राष्ट्रीय सचिव यूथ कांग्रेस कृष्णा हरि, कुंदन यादव बिहार सचिव, अयज कुमार प्रदेश उपाध्यक्ष और तेलंगाना के नरसिम्हा यादव शामिल थे।
बीजेपी ने साधा निशाना
इंडिया AI इम्पैक्ट समिट में इंडियन यूथ कांग्रेस के विरोध पर केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि वे शायद डर गए होंगे कि इतना बड़ा AI समिट कैसे ऑर्गनाइज़ किया जा रहा है। यही वह समय है जब हमें समिट को पॉलिटिक्स से ऊपर रखना चाहिए और हर कोई इस कोशिश में सहयोग करे। कांग्रेस सिर्फ़ हर चीज़ में रुकावट डालना चाहती है और सिर्फ़ भगवान ही उन्हें बचा सकता है।
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सीएम योगी आदित्यनाथ ने क्या कहा?
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा में कांग्रेस के इस कृत्य पर कहा कि एक शर्मनाक घटना भारत मंडपम में कांग्रेस ने पूरी दुनिया के अंदर भारत की छवि खराब करने का प्रयास किया है। यह बहुत ही शर्मनाक घटना है। कांग्रेस नेताओं देश के साथ खिलवाड़ करना चाहते हैं. उन्होंने कहा कि राजनीति होती है, आरोप-प्रत्योरोप होते हैं। लेकिन देश की कीमत के साथ सौदेबाजी करें। देश की छवि के साथ खिलवाड़ करें, जहां 100 से अधिक देशों के लोग भागीदार बन रहे हों, वहां पर इस प्रकार की अराजकता स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने मांग की कि जो भी इस घटना के पीछे है उसके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
हरियाणा के CM नायब सिंह सैनी ने कहा कि देश को जगह-जगह शर्मिंदा करना, देश को बेइज्जत करना कांग्रेस के DNA में है। वे देश की संवैधानिक संस्थाओं का अपमान करते हैं, लेकिन यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि कांग्रेस और राहुल गांधी के निर्देश पर यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने भारत मंडपम में चल रहे AI समिट में ऐसा किया। इसकी जितनी भी निंदा की जाए, कम है। ऐसे लोग हर मोर्चे पर देश को बेइज्जत करने का काम करते हैं। लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आगे बढ़ रहा है। ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। देशद्रोह का मामला दर्ज होना चाहिए। अगर देश का कहीं भी अपमान हो रहा है, तो यह देश के 140 करोड़ देशवासियों का अपमान है।
राहुल गांधी के आवास पर हुई प्लानिंग- संबित पात्रा
बीजेपी सांसद संबित पात्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि भारत मंडपम में एआई समिट चल रहा है। उसमें आज चार लोगों की गिरफ्तारी हुई है, जो यूथ कांग्रेस के नेता हैं. उन्होंने नाम लेते हुए कहा कि कृष्णा हरि यूथ कांग्रेस राष्ट्री सचिव, कुंदन यादव, बिहार यूथ कांग्रेस सचिव, अजय कुमार यूपी यूथ कांग्रेस उपाध्यक्ष, नरसिम्हा यादव यूथ कांग्रेस का राष्ट्रीय कॉर्डिनेटर है. उन्होंने कहा कि यूथ कांग्रेस के किसी लीडर ने ये प्लानिंग नहीं की। ये राहुल गांधी, सोनिया गांधी और प्रियंका वाड्रा की मौजूदगी में राहुल के आवास पर ये प्लान किया गया था। ये संयोग नहीं है, ये प्रयोग है।
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पात्रा ने कहा कि राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी देश के सबसे बड़े गद्दार हैं। रंग में भंग डालना इनका काम है। जहां देश आगे बढ़ेगा, जहां देश में खुशियों के रंग छाएंगे, वहां वो भंग जरूर डालेंगे। क्योंकि वो गद्दार हैं। उन्होंने आगे कहा कि ऑपरेशन सिंदूर होगा, सवाल उठाया जाएगा। पाकिस्तान का गुणगान होगा। हिंदुस्तान की कमी निकाली जाएगी। एयर स्ट्राइक हिंदुस्तान को धिक्कार कहेंगे और पाकिस्तान का जय जयकार करेंगे ये राहुल गांधी। जब सर्जिकल स्ट्राइक होगा, तो यही वो राहुल गांधी हैं, जो खून की दलाली कहते हैं और पूरे विश्व में भारत को बदनाम करने का काम करते हैं। कांग्रेस के लिए मेरे पास सिर्फ तीन शब्द हैं, टॉपलैस, ब्रेनलैस और शेमलैस।
Gen-Z कांग्रेस पार्टी को कभी माफ नहीं करेगा
बीजेपी सांसद ने आगे कहा कि Gen-Z कांग्रेस पार्टी को कभी माफ नहीं करेगा। मैं Gen-Z से रिक्वेस्ट करता हूं कि वे नेहरू, एडविना और सांप को गूगल करें। आप देखेंगे कि पंडित नेहरू एडविना माउंटबेटन और अंग्रेजों के सामने भारत को सपेरों का देश कहकर हंस रहे थे। राहुल गांधी ने आज ठीक वही किया जो नेहरू ने तब किया था। राहुल गांधी ने आज इस प्रोटेस्ट के जरिए हमारे युवाओं के स्टार्टअप्स, AI इंडस्ट्री, परफॉर्मेंस को रिजेक्ट कर दिया। नेहरू और राहुल गांधी दोनों ने भारत के साथ जो किया है और कर रहे हैं, वह सिर्फ धोखा है। गंदे विचार और गंदे इशारे आपको एक महान पार्टी नहीं बनाते। वे जगह में घुसते समय PM नरेंद्र मोदी को कॉम्प्रोमाइज्ड PM कह रहे थे। असल में कॉम्प्रोमाइज्ड कौन है? वे जिनके लीडर बेल पर बाहर हैं। मां और बेटा नेशनल हेराल्ड केस में Rs 5000 के बॉन्ड पर बाहर हैं। कॉम्प्रोमाइज्ड कौन है?
पात्रा ने कहा कि राहुल गांधी इस देश की एक इज्जतदार कोर्ट में अपनी सिटिजनशिप को लेकर केस का सामना कर रहे हैं। मुझे पक्का शक है कि जब यह केस आखिरकार खत्म होगा, जब यह पता चलेगा कि वह असल में इस देश के नागरिक की तरह काम नहीं कर रहे हैं। जो लोग डोकलाम विवाद के दौरान चीनी टेंट के नीचे चाउमीन खा रहे थे और देश के राज बेच रहे थे, वे देशभक्त हैं। AI में उनकी कोई हैसियत नहीं है, न ही इंडस्ट्री में। यह हक कि भारत वही करेगा जो गांधी परिवार चाहता है, इसी वजह से वे बिना कपड़ों के विरोध कर रहे हैं। आज उनकी असलियत सामने आ गई है। मुझे उम्मीद है कि सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका वाड्रा इस पर ध्यान देंगे।
चश्मदीदों ने क्या बताया?
AI इम्पैक्ट समिट में इंडियन यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के विरोध पर एक चश्मदीद शीतल ने कहा, “यह विरोध करने का प्लेटफॉर्म नहीं है। AI भारत और उसके भविष्य के लिए है। उन्हें यहां विरोध नहीं करना चाहिए था। उन्हें प्लेटफॉर्म की गरिमा समझने की ज़रूरत है।” एक अन्य चश्मदीद कबीर ने बताया कि PM के खिलाफ नारे लग रहे थेऔर फिर वे लोग भाग गए। पुलिस उनका पीछा कर रही थी।
यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष उदय भानु चिब ने कहा कि इस विरोध प्रदर्शन से देश की छवि को ठेस नहीं पहुंची, बल्कि भारतीय जनता पार्टी की नीतियां उजागर हुई हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह अपने कार्यकर्ताओं के साथ मजबूती से खड़े हैं और उनका मानना है कि इस प्रदर्शन के जरिए भाजपा की नीतियों को सामने लाया गया।
किसानों के मुद्दे पर जताया विरोध
चिब ने कहा कि अमेरिका के साथ हुए हालिया व्यापार समझौते से किसानों के हित प्रभावित हो सकते हैं। उनके अनुसार, यह समझौता किसानों के लिए नुकसानदेह साबित होगा। एआई समिट में विदेशी प्रतिनिधियों की मौजूदगी के बीच हुए प्रदर्शन पर उन्होंने कहा कि भारत एक लोकतांत्रिक देश है और यहां शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार सभी को है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह प्रदर्शन व्यक्तिगत हितों के लिए नहीं, बल्कि किसानों के समर्थन में किया गया था।
उन्होंने यह भी कहा कि संगठन का विरोध ‘एआई इम्पैक्ट समिट’ के खिलाफ नहीं था, बल्कि अमेरिका के साथ हुए अंतरिम व्यापार समझौते के खिलाफ था। उनके मुताबिक, जब किसानों के हितों से समझौता हो रहा हो और युवाओं के सामने रोजगार की चुनौतियां हों, तब चुप रहना संभव नहीं है।
एआई इम्पैक्ट समिट में प्रदर्शन
शुक्रवार को ‘एआई इम्पैक्ट समिट’ के दौरान युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता प्रदर्शनी हॉल नंबर-5 में पहुंचे और व्यापार समझौते के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ नारे लगाए गए।
प्रदर्शनकारियों ने सफेद टी-शर्ट पहन रखी थीं, जिन पर दोनों नेताओं की तस्वीरें और व्यापार समझौते से जुड़े संदेश लिखे थे। कुछ प्रदर्शनकारियों ने विरोध के दौरान अपनी टी-शर्ट भी उतार दी। इस घटनाक्रम से कार्यक्रम स्थल पर कुछ समय के लिए अफरा-तफरी की स्थिति बन गई और कुछ प्रतिभागियों व प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी बहस भी हुई।
पुलिस की कार्रवाई
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने हस्तक्षेप किया और प्रदर्शनकारियों को वहां से हटाकर हिरासत में ले लिया। बाद में कार्यक्रम सामान्य रूप से जारी रहा। इस पूरे घटनाक्रम ने व्यापार समझौते और राजनीतिक मतभेदों को लेकर चल रही बहस को और तेज कर दिया है। दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को पटियाला कोर्ट में पेश किया है।
क्या है AI इम्पैक्ट समिट 2026?
AI इम्पैक्ट समिट 2026 एक वैश्विक सम्मेलन है जिसका उद्देश्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के responsible, inclusive और वास्तविक दुनिया पर पड़े प्रभाव को आगे बढ़ाना है। इसे भारत की राजधानी नई दिल्ली में 16–20 फरवरी 2026 के बीच आयोजित किया गया है, जहां दुनियाभर के सरकारों, नीति निर्माताओं, टेक कंपनियों, शोधकर्ताओं और उद्योग जगत के नेताओं को एक मंच पर लाया गया है।
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क्यों यह समिट महत्वपूर्ण है?
यह समिट खास इसलिए है क्योंकि यह विश्व के विकासशील देशों (Global South) को AI नीति, नवाचार और AI के सकारात्मक उपयोग के मामलों में सशक्त भागीदार बनाने की दिशा में काम करता है। सम्मेलन में सरकारें, वैश्विक संगठन, उद्योग और रिसर्च समुदाय मिलकर AI के सामाजिक, आर्थिक और नैतिक पहलुओं पर चर्चा करते हैं।
प्रतिभागी और कार्यक्रम
समिट में 40 से अधिक देशों के प्रतिनिधि, 500 से ज्यादा सत्र और 840 से अधिक प्रदर्शक शामिल हैं, जिसमें प्रमुख तकनीकी कंपनियों के CEO, नीति निर्माताओं और शोधकर्ता मौजूद हैं। प्रमुख वक्ताओं में टेक इंडस्ट्री के बड़े नाम, वैश्विक नेताओं और शोध विशेषज्ञों ने AI के वर्तमान और भविष्य पर अपने विचार साझा किए।
प्रदर्शनी और एक्सपो
समिट के साथ ही India AI Impact Expo 2026 भी आयोजित हुआ, जो एक विस्तारित शोरूम है जहाँ AI तकनीकों, समाधानों और नवाचारों को प्रदर्शित किया जाता है। इस एक्सपो का मकसद वास्तविक विश्व की AI समाधान और टेक्नोलॉजी को उद्योग में अपनाने, निवेश और नीति निर्माण से जोड़ना है।
क्या है लक्ष्य?
AI इम्पैक्ट समिट 2026 का लक्ष्य AI के विकास को केवल तकनीकी चर्चाओं तक सीमित न रखना बल्कि नैतिक, सामाजिक, आर्थिक और वैश्विक न्याय जैसे मुद्दों पर ठोस समाधान और सहयोग आधारित योजनाएं बनाना है। सम्मेलन में AI के सुरक्षित और सभी के लिए लाभकारी उपयोग की दिशा में वैश्विक और स्थानीय स्तर पर सहयोग को बढ़ावा दिया गया है।

