Unnao Rape Case: उन्नाव रेप केस में पीड़िता के पिता की पुलिस हिरासत में हुई मौत से जुड़े मामले में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पूर्व नेता कुलदीप सिंह सेंगर को दिल्ली हाई कोर्ट ने जमानत देने से इनकार कर दिया है। इस याचिका में उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता के पिता की हिरासत में हुई मौत के मामले में सजा को निलंबित करने का अनुरोध किया गया था।
दिल्ली हाई कोर्ट ने उन्नाव रेप पीड़िता के पिता की हिरासत में हुई मौत से जुड़े मामले में बीजेपी से निष्कासित नेता कुलदीप सिंह सेंगर को जमानत देने से इनकार कर दिया है। हाई कोर्ट ने उन्नाव रेप पीडिता के पिता की हिरासत मे हुई मौत के मामले मे सजा काट रहे पूर्व विधायक सेंगर की याचिका पर सोमवार (19 जनवरी) को फैसला सुनाया।
इस याचिका में उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता के पिता की हिरासत में हुई मौत के मामले में सजा को निलंबित करने का अनुरोध किया गया था। लेकिन सेंगर की सजा पर रोक लगाने से दिल्ली हाईकोर्ट ने इनकार कर दिया है। जस्टिस रविंदर डुडेजा ने कहा कि सेंगर ने 10 साल की कुल सजा में से करीब 7.5 साल हिरासत में बिताए हैं। इस मामले में दोषसिद्धि के खिलाफ उनकी अपील पर फैसला होने में देरी हुई है। लेकिन यह देरी कुछ हद तक सेंगर की वजह से भी हुई है, जिन्होंने कई याचिकाएं दायर कीं।
सुप्रीम कोर्ट से भी सेंगर को लगा था झटका
सुप्रीम कोर्ट ने दिसंबर 2025 में पीड़िता की याचिका पर सुनवाई करते हुए कुलदीप सेंगर के जेल से रिहा होने पर रोक लगाई थी। दरअसल, 23 दिसंबर को दिल्ली हाई कोर्ट ने सेंगर को जमानत दी थी, यह कहते हुए कि वह पॉक्सो एक्ट के तहत पब्लिक सर्वेंट की श्रेणी में नहीं आता। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इस फैसले को पलटते हुए कहा कि सेंगर को जमानत नहीं मिलेगी और उसकी उम्रकैद की सजा जारी रहेगी।
2018 में हुई थी मौत
उन्नाव बलात्कार पीड़िता के पिता को सेंगर के इशारे पर गिरफ्तार किया गया था और 9 अप्रैल, 2018 को पुलिस की बर्बरता के कारण हिरासत में उनकी मृत्यु हो गई थी। मार्च 2020 में दिल्ली की एक अदालत ने सेंगर और अन्य को उनकी मृत्यु के लिए दोषी ठहराया और 10 साल की कैद की सजा सुनाई थी।
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