Man freed in dream harassment case: उत्तर प्रदेश के कानपुर में छेड़छाड़ के 7 साल पुराने मामले में स्पेशल कोर्ट ने अनुराग शुक्ला नामक एयरफोर्स के जवान को बरी कर दिया है। दरअसल, मामले में जवान की नाबालिग साली ने आरोप लगाया था कि जब वह सो रही थी तभी उसके जीजा अनुराग शुक्ला ने उसके साथ छेड़छाड़ की। आरोपों के आधार पर नौबस्ता पुलिस ने केस दर्ज कर जवान को जेल में डाल दिया और उसे 19 दिनों तक बिना किसी पुख्त सबूत के जेल में रहना पड़ा।
ये भी पढ़ें: ओडिशा में 2 बार रेप के बाद युवती की हत्या, प्रेमी का विश्वासघात; मददगार निकला हैवान
नाबालिग ने सपने में छेड़छाड़ के आधार पर लगाया था आरोप
मामले में जवान के वकील करीम अहमद सिद्दीकी ने बताया कि नाबालिग एंटीबायोटिक दवाओं का सेवन कर रही थी। घटना वाले दिन वह अपने बहन के ससुराल में दवा लेने के बाद रात में वह अर्द्धबेहोशी की हालत में थी। तभी उसे सपने में महसूस हुआ कि उसके जीजा (जवान) ने उसे पकड़ लिया। फिर उससे छेड़छाड़ की, जिसके बाद वह डरकर जाग गई और शोर मचा दिया। अगस्त 2019 में केस दर्ज हुआ। पुलिस ने उसे 29 सितंबर से 17 अक्टूबर तक जेल में रखा।
पिता और बड़ी बहन ने कोर्ट में दिया बयान
कोर्ट में मामले की सुनवाई के दौरान नाबालिग के पिता और बड़ी बहन ने बताया कि एयरफोर्स के जवान अनुराग खिलाफ शिकायत गलतफहमी में दर्ज कराई गई थी। वहीं, जवान अनुराग ने अपने बचाव में कहा, “मुझे इस मामले में झूठा फंसाया गया, क्योंकि मेरे ससुर विजय तिवारी चाहते थे कि मैं अपनी जमीन, घर और दूसरी संपत्ति अपनी पत्नी और साली के नाम कर दूं।” हालांकि, कोर्ट ने नाबालिग के परिजन के बयान पर जवान अनुराग को आरोपों से बरी कर दिया।
जवान ने बरी होने पर बताई आपबीती
एयरफोर्स के जवान ने मामले में 7 साल बाद कोर्ट द्वारा बरी किए जाने पर कहा कि इस केस की वजह से उसे बहुत मानसिक तनाव हुआ। यहां तक कि उसकी सामाजिक प्रतिष्ठा और करियर की संभावनाओं को नुकसान पहुंचा। उन्होंने दावा किया कि इस केस के चलते उसने 2020 में कॉर्पोरल के पद पर प्रमोशन से वंचिक हो गया।
ये भी पढ़ें: भतीजी से छेड़छाड़ का बदला लेने के लिए किशोर की ईंटों से कुचलकर हत्या, खेत में नग्न शव फेंका…कपड़े जलाए

