LPG supply crisis: मध्य पूर्व में जारी युद्ध और ऊर्जा आपूर्ति मार्गों में पैदा हुए व्यवधान का असर अब भारत के होटल और रेस्तरां उद्योग पर भी दिखने लगा है। बेंगलुरु, चेन्नई और मुंबई जैसे बड़े शहरों में व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडरों की कमी सामने आई है, जिससे कई प्रतिष्ठानों के संचालन पर संकट खड़ा हो गया है। इस बीच केंद्र सरकार ने तेल रिफाइनरियों को एलपीजी उत्पादन बढ़ाने का निर्देश दिया है ताकि घरेलू जरूरतों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जा सके।
युद्ध और आपूर्ति बाधा का असर
ईरान-इजराइल-अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हुई है। खासतौर पर होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे महत्वपूर्ण ऊर्जा परिवहन मार्गों में उत्पन्न बाधाओं ने एलपीजी और अन्य ईंधन आपूर्ति पर असर डाला है।
इसी पृष्ठभूमि में पिछले शनिवार को एलपीजी सिलेंडरों की कीमतों में बढ़ोतरी की गई। घरेलू रसोई गैस सिलेंडर की कीमत में 60 रुपये और व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 115 रुपये की वृद्धि की गई है। इस बढ़ोतरी और आपूर्ति बाधा का सीधा असर होटल और फूड सर्विस उद्योग पर पड़ रहा है।
बेंगलुरु में होटल बंद होने की चेतावनी
बेंगलुरु होटल्स एसोसिएशन ने सोमवार को कहा कि गैस आपूर्ति में रुकावट के कारण शहर के कई होटल और रेस्तरां प्रभावित हो सकते हैं। एसोसिएशन के अनुसार, यदि स्थिति जल्द नहीं सुधरी तो 10 मार्च से कई होटल बंद होने की नौबत आ सकती है।
एसोसिएशन ने अपने बयान में कहा कि गैस की आपूर्ति अचानक रुक जाने से होटल उद्योग को बड़ा झटका लगा है। तेल कंपनियों ने पहले लगभग 70 दिनों तक निर्बाध आपूर्ति का भरोसा दिया था, लेकिन अब आपूर्ति बंद होने से संचालन मुश्किल हो गया है।
एसोसिएशन के अध्यक्ष पीसी राव ने कहा कि होटल उद्योग लोगों की सेवा के लिए अंतिम समय तक प्रयास करेगा, लेकिन यदि गैस उपलब्ध नहीं होती है तो संचालन जारी रखना कठिन हो जाएगा।
चेन्नई में होटल उद्योग की चिंता
चेन्नई में भी होटल उद्योग ने स्थिति को गंभीर बताया है। चेन्नई होटल्स एसोसिएशन के अध्यक्ष एम. रवि ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर कहा कि अगर व्यावसायिक एलपीजी की आपूर्ति बाधित रहती है तो इसका असर केवल होटल उद्योग तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आम लोगों पर भी पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि कई अस्पतालों के लिए भोजन तैयार करने का काम होटल और फूड उद्योग 24 घंटे करते हैं। इसके अलावा आईटी पार्कों में काम करने वाले कर्मचारी, कॉलेज हॉस्टल में रहने वाले छात्र और यात्रा करने वाले लोग भी होटल और रेस्तरां पर निर्भर रहते हैं।
एम. रवि ने यह भी चेतावनी दी कि गैस की कमी से स्टार होटलों और रेस्तरां में पहले से बुक किए गए भोज और कार्यक्रम भी प्रभावित हो सकते हैं।
मुंबई में संचालन प्रभावित
मुंबई में भी आतिथ्य उद्योग इस संकट से जूझ रहा है। व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडरों की कमी के कारण लगभग 20 प्रतिशत होटल और रेस्तरां अपने संचालन बंद करने को मजबूर हो चुके हैं।
दादर, अंधेरी और माटुंगा जैसे इलाकों के कई लोकप्रिय भोजनालयों ने अपने मेनू में बदलाव करना शुरू कर दिया है। गैस की बचत के लिए धीमी आंच पर बनने वाले व्यंजन, जैसे दाल मखनी और रवा डोसा, को अस्थायी रूप से हटाया जा रहा है। इसके अलावा कई प्रतिष्ठानों ने अपने कामकाजी घंटे भी कम कर दिए हैं।
उद्योग संगठनों की सरकार से अपील
फेडरेशन ऑफ होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशंस ऑफ इंडिया (FHRAI) ने भी इस समस्या को लेकर चिंता जताई है। संगठन ने पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री को पत्र लिखकर कहा कि जमीनी स्तर पर गैस की आपूर्ति में व्यापक बाधा देखने को मिल रही है।
एफएचआरएआई के अनुसार कई गैस वितरक 5 मार्च के सरकारी आदेश का हवाला देकर आपूर्ति रोक रहे हैं। संगठन ने सरकार से स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने और तेल विपणन कंपनियों को वाणिज्यिक सिलेंडरों की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने का अनुरोध किया है।
सरकार का जवाब
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने कहा है कि तेल रिफाइनरियों को एलपीजी उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए 25 दिन की इंटर-बुकिंग अवधि भी लागू की गई है।
मंत्रालय के अनुसार आयातित एलपीजी की आपूर्ति में अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों जैसे आवश्यक क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जा रही है। इसके अलावा होटल, रेस्तरां और अन्य उद्योगों से मिले अनुरोधों की समीक्षा के लिए तेल विपणन कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों की एक समिति भी बनाई गई है।
केंद्र सरकार का कहना है कि घरेलू गैस की आपूर्ति बनाए रखने के लिए आवश्यक वस्तु अधिनियम लागू किया गया है और उत्पादन बढ़ाने के कदम उठाए जा रहे हैं, ताकि ऊर्जा आपूर्ति की स्थिति को स्थिर रखा जा सके।

