होम = Cover Story Featured = क्या ईरान के बगल में एक और युद्ध छिड़ने वाला है?  हवाई हमलों के बाद तालिबान ने पाकिस्तानी सेना की चौकियों को बनाया निशाना

क्या ईरान के बगल में एक और युद्ध छिड़ने वाला है?  हवाई हमलों के बाद तालिबान ने पाकिस्तानी सेना की चौकियों को बनाया निशाना

Pakistan Afghanistan conflict: इजराइल और अमेरिका के साथ जारी युद्ध के बीच पश्चिम एशिया पहले ही तनावपूर्ण स्थिति से गुजर रहा है। इसी बीच अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच भी टकराव तेज हो गया है। अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने शुक्रवार को दावा किया कि उसने पाकिस्तान के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। यह कार्रवाई पाकिस्तान द्वारा अफगानिस्तान के अंदर किए गए हवाई हमलों के जवाब में की गई बताई जा रही है। इस घटनाक्रम ने क्षेत्र में एक नए संघर्ष की आशंका को जन्म दे दिया है, क्योंकि यह टकराव ईरान और आसपास के क्षेत्रों में चल रहे युद्ध के बीच सामने आया है।

तालिबान का जवाबी हमला

तालिबान प्रशासन के अनुसार, अफगान वायु सेना ने पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के कोहाट क्षेत्र में कई सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया। सरकार के उप प्रवक्ता हमदुल्ला फितरत ने बताया कि यह हमला पाकिस्तान की घुसपैठ के जवाब में किया गया था।

फितरत के अनुसार, हमले में कोहाट स्थित एक सैन्य किले पर हमला किया गया। इसके अलावा डूरंड लाइन के पास स्थित एक युद्ध कमान केंद्र और किले के कमांडर के कार्यालय को भी निशाना बनाया गया। तालिबान का दावा है कि इस कार्रवाई में पाकिस्तानी सेना के कई ठिकानों, गोदामों और सैनिकों के आवासीय क्षेत्रों को नुकसान पहुंचा है और इससे भारी क्षति हुई है। तालिबान प्रशासन ने इस हमले से जुड़ा एक छोटा वीडियो भी जारी किया, जिसमें आसमान में उड़ता हुआ एक ड्रोन दिखाई दे रहा है।

पाकिस्तान के हवाई हमलों का आरोप

तालिबान की यह कार्रवाई पाकिस्तान द्वारा अफगानिस्तान के कई इलाकों में किए गए हवाई हमलों के बाद सामने आई है। रिपोर्टों के अनुसार, पाकिस्तानी विमानों ने काबुल, कंधार, पक्तिया और पक्तिका सहित कई क्षेत्रों को निशाना बनाया।

तालिबान अधिकारियों का कहना है कि इन हमलों में नागरिकों के घरों और बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा। सीमा के पास पाकिस्तानी गोलाबारी और तोपखाने की फायरिंग में कई लोगों की मौत भी हुई है। खोस्त प्रांत के सादको गांव में एक ही परिवार के चार लोगों एक पुरुष, एक महिला और दो बच्चों की मौत होने की जानकारी दी गई है। इसके अलावा तीन बच्चे घायल भी हुए हैं।

नागरिक ठिकानों को निशाना बनाने का आरोप

तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान ने कंधार हवाई अड्डे के पास एक ईंधन डिपो को भी निशाना बनाया। यह डिपो एक निजी अफगान एयरलाइन से जुड़ा था और यहां से नागरिक विमानों तथा संयुक्त राष्ट्र के विमानों को ईंधन की आपूर्ति की जाती थी। तालिबान प्रशासन ने इन हमलों को क्रूर आक्रमण करार दिया और चेतावनी दी कि इस तरह की कार्रवाई का जवाब दिया जाएगा।

दोनों देशों के बीच पुराना विवाद

पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच लंबे समय से तनाव बना हुआ है। पाकिस्तान का आरोप है कि अफगानिस्तान में मौजूद आतंकवादी संगठन उसके खिलाफ हमलों को अंजाम देते हैं और उन्हें वहां पनाह मिलती है। हालांकि तालिबान सरकार इन आरोपों को खारिज करती है और कहती है कि पाकिस्तान के भीतर होने वाली हिंसा उसका आंतरिक मामला है।

दोनों देशों के बीच लगभग 2600 किलोमीटर लंबी डूरंड रेखा को लेकर भी विवाद बना हुआ है। तालिबान इस सीमा को औपनिवेशिक काल का फैसला बताते हुए औपचारिक रूप से स्वीकार नहीं करता।

क्षेत्रीय तनाव बढ़ने की आशंका

हाल के हफ्तों में दोनों देशों के बीच कई बार सीमा झड़पें, ड्रोन हमले और हवाई हमले हो चुके हैं। मार्च की शुरुआत में भी पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के कई प्रांतों में सैन्य कार्रवाई की थी, जिसके जवाब में तालिबान ने ड्रोन हमले किए थे। हालांकि कुछ समय के लिए स्थिति शांत रही और तुर्की, रूस और चीन की मध्यस्थता से वार्ता भी शुरू हुई, लेकिन हालिया घटनाओं ने तनाव को फिर बढ़ा दिया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह टकराव जारी रहता है तो पश्चिम एशिया के पहले से अस्थिर माहौल में एक और संघर्ष क्षेत्र खुल सकता है। फिलहाल दोनों देशों के बीच आरोप-प्रत्यारोप और जवाबी हमलों का सिलसिला जारी है।

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