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रिपब्लिक डे स्पेशल: परेड में पहली बार असली जंग जैसा होगा प्रदर्शन, ये विमान और हथियार भी होंगे खास

Republic Day special: इस बार भारत अपने 77वां रिपब्लिक डे मनाने जा रहा है। इसको लेकर दिल्ली के कर्तव्य पथ पर रिपब्लिक डे परेड के आयोजन को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं। परेड और बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी तैयारी के कारण 21 से 29 जनवरी तक राष्ट्रपति भवन (सर्किट-1) आम जनता के लिए बंद रहेगा। परेड में दिखने वाले आधुनिक हथियारों पर भी तमाम देशों की निगाहें इस पर रहेंगी। गौरतलब है, ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद पहली बार परेड हो रहा है। ऐसे में कई बदलाव भी देखने को मिलेंगे। आइये जानते हैं परेड में क्या खास रहने वाला है।

बैक्ट्रियन ऊंट और सेना की नई भैरव बटालियन की मार्च पास्ट होगी

परेड में पहली बार बैक्ट्रियन ऊंट और सेना की नई भैरव बटालियन भी मार्च पास्ट करेगी। निगरानी प्लेटफार्मों में सबसे पहले ड्रोन और एंटी-टैंक मिसाइलों के साथ टोही वाहनों, अपाचे और प्रचंड जैसे हेलीकॉप्टरों के हवाई प्रदर्शन की संभावना है। इस दौरान 30 झांकियां निकलेंगी, जो ‘स्वतंत्रता का मंत्र-वंदे मातरम, समृद्धि का मंत्र-आत्मनिर्भर भारत’ थीम पर आधारित होंगी।

असली जंग के क्रम में दिखेगी सैन्य ताकत

कर्तव्य पथ पर पहली बार सैन्य टुकड़ियां जंग के असली क्रम में नजर आएंगी। इसमें सैनिक और हथियार किसी युद्धभूमि की तरह चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ेंगे, जो दर्शकों को सैना की वास्तविक युद्ध शैली से रूबरू कराएगा। इसकी शुरुआत टोही दल से होगी। इसके बाद अन्य सैन्य इकाइयां जैसे रसद और कार्मिक इन प्लेटफार्म होंगे, जो युद्ध गियर से लैस होंगे।

ATGS-MRSAM दिखेंगे, तेजस नहीं

परेड में ब्रह्मोस, आकाश मिसाइल सिस्टम, मीडियम रेंज सरफेस-टू-एयर मिसाइल (MRSAM) सिस्टम, एडवांस्ड टोएड आर्टिलरी गन सिस्टम (ATAGS), धनुष तोप और ड्रोन का प्रदर्शन होगा। फ्लाईपास्ट में राफेल, सुखोई Su-30, अपाचे और ध्रुव हेलिकॉप्टर जैसे विमान शामिल होंगे। इस बार तेजस परेड में नहीं दिखाई देगा।

परेड की खास बातें

लीक से हटकर दर्शकों के बैठने की जगह का नाम नदियों के नाम पर रखा गया है। परेड में 17 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों और 13 मंत्रालयों की कुल कुल 30 झांकियां दिखेंगी।

29 जनवरी को बीटिंग रिट्रीट

29 जनवरी को होने वाली बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी के लिए भी एनक्लोजर का नाम भारतीय वाद्ययंत्रों के नाम पर रखा जाएगा। झांकियों के साथ 2,500 से ज्यादा कलाकार सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति देंगे। पहली बार भारतीय स्वदेशी नस्लों के 10 कुत्ते भी मार्च करेंगे।

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