Rohtas district exam controversy: बिहार के रोहतास जिले से भर्ती प्रक्रिया में लापरवाही का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक उम्मीदवार को जारी किए गए एडमिट कार्ड पर उसकी तस्वीर की जगह कुत्ते की तस्वीर छपी हुई पाई गई। इस अजीबोगरीब गलती ने न केवल उम्मीदवार को हैरान कर दिया, बल्कि स्थानीय स्तर पर भी चर्चा का विषय बन गया है।
चपरासी भर्ती परीक्षा के लिए किया था आवेदन
यह मामला उस समय सामने आया जब रोहतास जिले के निवासी रितेश कुमार ने जिला एवं सत्र न्यायालय में चपरासी के पद के लिए आयोजित भर्ती परीक्षा में भाग लेने के लिए आवेदन किया था। इस भर्ती के लिए अधिसूचना वर्ष 2022 में जारी की गई थी।
हालांकि परीक्षा प्रक्रिया में काफी देरी हुई और लगभग चार साल बाद उम्मीदवारों को उनके एडमिट कार्ड जारी किए गए। रितेश कुमार ने भी आगामी प्रारंभिक परीक्षा में शामिल होने के लिए अपना एडमिट कार्ड ऑनलाइन डाउनलोड किया।
एडमिट कार्ड देखकर रह गए हैरान
रितेश कुमार के अनुसार, जब उन्होंने 15 मार्च को होने वाली परीक्षा के लिए अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड किया और उसे देखा, तो वे हैरान रह गए। एडमिट कार्ड पर उनकी अपनी फोटो के स्थान पर एक गोल्डन रिट्रीवर कुत्ते की तस्वीर छपी हुई थी।
उन्होंने बताया कि आवेदन करते समय उन्होंने अपनी सही और स्पष्ट फोटो ही अपलोड की थी। अपने दावे को साबित करने के लिए उन्होंने आवेदन की पावती पर्ची भी दिखाई, जिसमें उनकी वास्तविक तस्वीर मौजूद है।
स्थानीय स्तर पर बन गए मजाक का विषय
इस अजीब गलती के कारण रितेश कुमार को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि इस घटना के बाद उनके इलाके में लोग उनका मजाक उड़ा रहे हैं।
उनका कहना है कि ऐसी गलती न केवल उनकी छवि को प्रभावित कर रही है, बल्कि परीक्षा में शामिल होने को लेकर भी अनिश्चितता पैदा कर रही है। अगर एडमिट कार्ड में गलती को समय रहते ठीक नहीं किया गया, तो उन्हें परीक्षा केंद्र पर भी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
अधिकारियों से की कई शिकायतें
रितेश कुमार ने बताया कि उन्होंने इस मामले की जानकारी संबंधित भर्ती बोर्ड और अधिकारियों को कई बार दी है। उन्होंने ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से शिकायत दर्ज कराई है और एडमिट कार्ड में हुई गलती को जल्द से जल्द सुधारने की मांग की है।
उनका कहना है कि परीक्षा की तारीख करीब आ चुकी है, लेकिन अब तक अधिकारियों की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
तुरंत सुधार की मांग
उम्मीदवार ने प्रशासन से अपील की है कि इस तकनीकी या प्रशासनिक गलती को जल्द से जल्द ठीक किया जाए, ताकि वह बिना किसी परेशानी के परीक्षा में शामिल हो सके।
यह घटना भर्ती प्रक्रियाओं में डिजिटल प्रबंधन और दस्तावेज सत्यापन की व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की त्रुटियां उम्मीदवारों के भविष्य को प्रभावित कर सकती हैं, इसलिए भर्ती एजेंसियों को आवेदन और एडमिट कार्ड जारी करने की प्रक्रिया में अधिक सावधानी बरतनी चाहिए।

