Union Budget: बजट इतिहास में आज जानेंगे ब्रिटिश सरकार की 92 सालों से चली आ रही परंपरा पर विराम लगाते हुए मोदी सरकार ने वर्ष 2017 में रेल बजट को आम बजट में पेश किया था। इससे पहले तक देश में 2 तरह के बजट पेश किए जाते थे। पहला रेल बजट और दूसरा आम बजट।
अरुण जेटली ने रेल बजट को आम बजट में पेश
मोदी सरकार में वित्त मंत्री रहे अरुण जेटली ने वर्ष 2017 में रेल बजट को आम बजट में पढ़ा था। इसके बाद से वित्त मंत्री के रूप में निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) लगातार 9वीं बजट पेश करने जा रही हैं। उन्होंने पहला बजट 5 जुलाई 2019 को पेश किया था। बता दें कि इस बदलाव के लिए सरकार को नीति आयोग ने इस परंपरा को खत्म करने की सलाह दी थी।
अलग रेल बजट की परंपरा 92 सालों से जारी थी
92 साल से जारी थी ये परंपराभारतीय बजट इतिहास (Indian Budget History) पर नजर डालें तो मोदी सरकार के कार्यकाल में कई बड़े बदलाव देखने को मिले हैं। इनमें से एक सबसे अहम है, रेल बजट से जुड़ा हुआ है, जिसे 92 साल बाद मोदी सरकार में बदला गया। अब रेल बजट आम बजट एक साथ पेश किया जाता है।
ब्रिटिश सरकार की देन थी यह परंपरा
ब्रिटिश शासन में रेल बजट पहली बार साल 1924 में पेश किया गया था। इसके बाद से ही लगातार हर साल आम बजट से एक दिन पहले रेलवे बजट पेश किए जाने की परंपरा चली आ रही थी, लेकिन मोदी सरकार ने 2017 में आम बजट और रेलवे बजट को मर्ज कर दिया और इसके बाद से संसद में 1 फरवरी को सुबह 11 बजे केवल एक ही बजट पेश किया जाने लगा।

