New Labour Code: देश में करोड़ों कर्मचारियों की रोज़मर्रा की नौकरी पर सीधा असर डालने वाला बड़ा बदलाव होने जा रहा है। केंद्र सरकार 1 अप्रैल 2026 से नया लेबर कोड लागू करने की तैयारी में है। श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने चारों कोड के नियमों को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। मंत्री मनसुख मांडविया के अनुसार, नियम जल्द ही प्री-पब्लिश होंगे और जनता को 45 दिन में सुझाव देने का मौका मिलेगा। इसके बाद कोड को नोटिफाई कर दिया जाएगा।
काम के घंटों में बड़ा बदलाव
नए कोड में काम के घंटे को लेकर नई लचीलापन प्रणाली लाई गई है। दिन के 8 घंटे बरकरार, सप्ताह में 48 घंटे यानि कंपनियाँ चाहें तो 4 दिन ज्यादा काम लेकर कर्मचारियों को 3 दिन की लंबी छुट्टी भी दे सकती हैं। ओवरटाइम को भी स्पष्ट और अनिवार्य भुगतान के दायरे में रखा गया है।
नियुक्ति पत्र और समान वेतन की गारंटी
हर कर्मचारी को अब नियुक्ति पत्र देना अनिवार्य होगा। इससे नौकरी की शर्तें साफ होंगी और जॉब सिक्योरिटी मजबूत होगी। साथ ही “समान काम के लिए समान वेतन” का सिद्धांत लागू होगा, जिससे पुरुष और महिला दोनों को समान पोज़िशन पर समान वेतन मिलेगा।
40+ कर्मचारियों के लिए मुफ्त हेल्थ चेकअप
पहली बार 40 वर्ष से अधिक आयु वाले कर्मचारियों को फ्री मेडिकल चेकअप की सुविधा मिलेगी। यह हेल्थ और सेफ्टी सुधारों की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
महिलाओं को सभी शिफ्ट में काम करने की अनुमति
महिलाएँ अब किसी भी शिफ्ट दिन हो या रात में काम कर सकेंगी। इससे उद्योगों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ने के रास्ते खुलेंगे।
सोशल सिक्योरिटी का बढ़ता दायरा
सरकार मार्च 2026 तक 100 करोड़ लोगों को सोशल सिक्योरिटी के तहत लाने का लक्ष्य रखती है। 2015 में यह संख्या मात्र 19% थी, जो 2025 तक 64% से आगे पहुंच चुकी है।
केंद्र–राज्य की संयुक्त जिम्मेदारी
क्योंकि श्रम कानून समवर्ती सूची में आते हैं, इसलिए केंद्र और राज्य दोनों को अपने-अपने स्तर पर नियम नोटिफाई करने होंगे। नया लेबर कोड देश में रोजगार व्यवस्था को बदलने वाला सबसे बड़ा सुधार माना जा रहा है, जहाँ कर्मचारियों को सुरक्षा और कंपनियों को स्पष्ट, एकसमान नियम मिलेंगे।
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