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ITR दाखिल करने की आखिरी तारीख आई नजदीक, तकनीकी समस्याओं के कारण परेशान हो रहे टैक्सपेयर्स

by | Sep 13, 2025 | व्यापार

Income Tax Return Filing Deadline : आयकर रिटर्न (ITR) दाखिल करने की अंतिम तिथि 15 सितंबर 2025 सिर्फ तीन दिन दूर है, लेकिन देश भर के टैक्सपेयर्स को आयकर विभाग के ई-फाइलिंग पोर्टल पर तकनीकी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. पिछले एक महीने से करदाताओं और चार्टर्ड अकाउंटेंट्स द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर इस मुद्दे को उठाया जा रहा है. रिपोर्ट्स के अनुसार, आयकरदाताओं को एनुअल इंफॉर्मेशन स्टेटमेंट (AIS), फॉर्म 26AS, और टैक्सपेयर्स इंफॉर्मेशन समरी (TIS) तक पहुंच प्राप्त करने में कठिनाई हो रही है.

यह समस्याएं ऐसे समय पर आई हैं जब आयकर रिटर्न दाखिल करने की आखिरी तारीख नजदीक आ रही है. कई करदाताओं ने आयकर विभाग से आग्रह किया है कि वे इन तकनीकी खामियों को जल्द से जल्द हल करें, ताकि वे अपनी रिटर्न सही समय पर दाखिल कर सकें. सोशल मीडिया पर इन मुद्दों को लेकर लगातार चर्चा हो रही है, और इससे टैक्सपेयर्स के बीच असंतोष बढ़ता जा रहा है.

11 सितंबर 2025 तक लगभग 5.48 करोड़ रिटर्न्स दाखिल

आयकर विभाग के ताजा आंकड़ों के अनुसार, 11 सितंबर 2025 तक लगभग 5.48 करोड़ रिटर्न्स दाखिल किए जा चुके हैं. इनमें से 5.15 करोड़ रिटर्न्स को वेरिफाई भी किया जा चुका है. हालांकि, प्रोसेसिंग की स्थिति अलग है, क्योंकि अब तक केवल 3.66 करोड़ रिटर्न्स को ही प्रोसेस किया गया है. इसका मतलब यह है कि जिन लोगों ने रिटर्न दाखिल किए हैं, उन्हें रिफंड प्राप्त करने में और अधिक समय लग सकता है.

टेक्निकल समस्याओं के कारण रिफंड में देरी

आयकर विभाग की वेबसाइट पर आ रही इन तकनीकी समस्याओं के कारण करदाताओं को रिफंड की प्रक्रिया में देरी का सामना करना पड़ सकता है. चूंकि आयकर रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तारीख बहुत पास है, ऐसे में करदाताओं के लिए यह स्थिति और भी चिंताजनक हो गई है. आयकर विभाग ने इस मुद्दे पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है, लेकिन उम्मीद जताई जा रही है कि विभाग जल्द ही इन समस्याओं का समाधान करेगा.

टैक्सपेयर्स को सलाह

आयकर विभाग द्वारा इन तकनीकी समस्याओं को हल करने तक, करदाताओं को सलाह दी जाती है कि वे जल्द से जल्द अपना रिटर्न दाखिल करने का प्रयास करें, ताकि अंतिम तिथि से पहले उन्हें कोई परेशानी न हो. वहीं, टैक्सपेयर्स का यह भी मानना है कि यदि ये समस्याएं हल नहीं होतीं, तो अंतिम तारीख के बाद भी कई रिटर्न्स का प्रोसेसिंग लंबा खिंच सकता है. अब देखना यह होगा कि आयकर विभाग इन तकनीकी खामियों को कब तक दूर कर पाता है और करदाताओं को राहत प्रदान करता है.

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