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50 पैसे उछला रुपया, तेल गिरा, क्या अब महंगाई से मिलेगी राहत?

Rupee-Dollar Update: पश्चिम एशिया में लंबे समय से जारी तनाव के बीच बुधवार को एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई। अमेरिका और ईरान ने अगले दो हफ्तों के लिए युद्धविराम (सीजफायर) पर सहमति जताई है। इस वैश्विक घटनाक्रम का असर सीधे तौर पर वित्तीय बाजारों में दिखाई दिया और भारतीय मुद्रा को बड़ी मजबूती मिली।

रुपये में जबरदस्त उछाल

सीजफायर की खबर आते ही निवेशकों का भरोसा बढ़ा और भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 50 पैसे की तेजी के साथ 92.56 के स्तर पर पहुंच गया। पिछले कुछ दिनों से बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण रुपया दबाव में था और 93 के पार चला गया था, लेकिन जैसे ही हालात में नरमी आई, बाजार ने तेजी से सकारात्मक प्रतिक्रिया दी।

कच्चे तेल में बड़ी गिरावट

युद्धविराम की घोषणा के साथ ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट देखने को मिली। वायदा कारोबार में कीमतें करीब 6% तक लुढ़क गईं, जिससे बाजार में लोअर सर्किट जैसी स्थिति बन गई। विशेषज्ञों के मुताबिक, स्ट्रेट ऑफ होरमज के जरिए तेल सप्लाई बाधित होने का खतरा अब कम हो गया है। यही वजह है कि बाजार में घबराहट कम हुई और कीमतें तेजी से नीचे आईं।

भारत के लिए क्यों है राहत की खबर?

भारत अपनी जरूरत का 80% से ज्यादा कच्चा तेल आयात करता है। ऐसे में तेल की कीमतों में गिरावट और रुपये की मजबूती, दोनों मिलकर देश के लिए बड़ी राहत लेकर आए हैं।

आयात बिल में कमी आने की संभावना
पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर दबाव कम होगा
महंगाई दर (Inflation) नियंत्रित रखने में मदद मिलेगी

आगे क्या?

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अगर पश्चिम एशिया में शांति बनी रहती है, तो रुपया और मजबूत होकर 92 के स्तर तक जा सकता है। फिलहाल निवेशकों की नजर अमेरिका और ईरान के अगले आधिकारिक बयानों पर टिकी हुई है, क्योंकि आगे की दिशा इन्हीं फैसलों से तय होगी। युद्धविराम ने फिलहाल बाजारों को राहत दी है।

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