Share market Update: वैश्विक संकेतों और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बीच बुधवार को भारतीय शेयर बाजार ने मजबूत शुरुआत की। शुरुआती कारोबार में तेजी का माहौल दिखा, लेकिन इसके पीछे कई ऐसे कारक भी हैं जो आगे बाजार की दिशा तय करेंगे।
बाजार की दमदार शुरुआत
कारोबार की शुरुआत में BSE Sensex 518 अंकों से ज्यादा उछलकर 76,500 के पार पहुंच गया। वहीं NSE Nifty भी करीब 158 अंकों की तेजी के साथ 23,700 के ऊपर कारोबार करता नजर आया। हालांकि, इस दौरान भारतीय रुपया में हल्की कमजोरी देखने को मिली और यह अमेरिकी डॉलर के मुकाबले कुछ पैसे गिर गया।
आईटी शेयरों ने दी बाजार को रफ्तार
इस तेजी की सबसे बड़ी वजह आईटी सेक्टर में आई मजबूती रही। Tata Consultancy Services, Infosys और HCL Technologies जैसे दिग्गज शेयरों में जबरदस्त खरीदारी देखी गई। इसके अलावा InterGlobe Aviation, Trent Ltd और Mahindra & Mahindra भी बढ़त के साथ कारोबार करते दिखे। वहीं दूसरी ओर, HDFC Bank, ICICI Bank, Tata Steel और Kotak Mahindra Bank जैसे शेयरों में कमजोरी रही।
क्या कहते हैं एक्सपर्ट?
बाजार विशेषज्ञ अजय बग्गा का मानना है कि हालिया गिरावट के बाद बाजार में रिकवरी देखी जा रही है। उन्होंने बताया कि विदेशी निवेशकों की भारी बिकवाली के बावजूद घरेलू संस्थागत निवेशकों ने बाजार को सहारा दिया है। हालांकि, उन्होंने चेतावनी भी दी कि बाजार की आगे की चाल तेल आपूर्ति और वैश्विक तनाव पर निर्भर करेगी, जो फिलहाल सबसे बड़ा अनिश्चित कारक बना हुआ है।
फेडरल रिजर्व की बैठक पर नजर
इस सप्ताह वैश्विक बाजार की नजर US Federal Reserve की बैठक पर टिकी है। उम्मीद की जा रही है कि फिलहाल ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं होगा, लेकिन आने वाले समय में कटौती की संभावना बनी रह सकती है।
अनिश्चितता का माहौल
वीके विजयकुमार, मुख्य निवेश रणनीतिकार, Geojit Financial Services का कहना है कि मौजूदा वैश्विक तनाव और युद्ध की स्थिति ने बाजार में भ्रम पैदा कर दिया है। ऐसे में निवेशकों के लिए स्पष्ट रणनीति बनाना चुनौतीपूर्ण हो गया है।
एशियाई और अमेरिकी बाजारों से मिला सपोर्ट
एशियाई बाजारों में भी सकारात्मक रुख देखने को मिला। Nikkei 225, KOSPI और Straits Times Index में मजबूती रही, जबकि Hang Seng Index में हल्की गिरावट दर्ज की गई, वहीं अमेरिकी बाजारों में Dow Jones, S&P 500 और Nasdaq Composite भी बढ़त के साथ बंद हुए।
तेल की कीमतों ने बढ़ाई चिंता
हालांकि बाजार में तेजी है, लेकिन कच्चे तेल की कीमतें चिंता का कारण बनी हुई हैं। Brent Crude का भाव 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है, जो वैश्विक महंगाई और आर्थिक दबाव को बढ़ा सकता है। वहीं, सोने और चांदी की कीमतों में हल्की गिरावट देखी गई है।
आगे क्या?
बाजार फिलहाल तेजी के मूड में जरूर है, लेकिन इसके पीछे कई बड़े जोखिम भी छिपे हैं तेल संकट, वैश्विक तनाव और फेड की नीति। ऐसे में सवाल यही है क्या यह तेजी टिकेगी या फिर आने वाले दिनों में बाजार नया मोड़ लेगा?
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