Indigo Share: इंडिगो की पेरेंट कंपनी इंटरग्लोब एविएशन के शेयर पिछले चार ट्रेडिंग सेशन में 7% से ज्यादा गिर चुके हैं। शुक्रवार को BSE पर शेयर 1.22% गिरकर 5,371.30 रुपये पर बंद हुए, जबकि NSE पर 1.27% गिरकर 5,367.50 रुपये पर बंद हुए।
1 दिसंबर से कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन 16,190.64 करोड़ रुपये से घटकर अब 2,07,649.14 करोड़ रुपये पर आ गया है। पिछले एक महीने में शेयर में 5.72% की गिरावट दर्ज की गई है।
फ्लाइट्स कैंसिल होने से यात्रियों में तनाव
इंडिगो (Indigo Share) के 350 से ज्यादा फ्लाइट्स आज भी कैंसिल हो चुकी हैं। देश के कई एयरपोर्ट्स पर लंबी लाइनें लग गई हैं और यात्रियों में काफी परेशानी और नाराजगी देखने को मिल रही है।
संकट की वजह: नए पायलट नियम
इस संकट का मुख्य कारण नया फ्लाइंग-टाइम रेगुलेशन है। अब पायलटों को हफ्ते में दो दिन का वीक-ऑफ अनिवार्य है। नाइट ड्यूटी का समय 12 AM से 6 AM तक निर्धारित किया गया है, और नाइट शिफ्ट में उड़ान का समय 8 घंटे, ओवरऑल ड्यूटी का समय 10 घंटे तय किया गया है।
इस नियम का मकसद पायलटों को अधिक आराम देना और हवाई यात्रा की सुरक्षा बढ़ाना है। DGCA ने यह नियम 1 नवंबर से लागू किया है। इंडिगो के CEO पीटर एल्बर्स ने कहा कि ऑपरेशन 10-15 दिसंबर तक सामान्य होने की उम्मीद है।
सितंबर तिमाही में नुकसान बढ़ा
इंडिगो को जुलाई-सितंबर तिमाही में 2,582 करोड़ रुपये का नेट लॉस हुआ, जो पिछले साल की समान तिमाही में 987 करोड़ था। हालांकि, एयरलाइन के कोर ऑपरेशन से रेवेन्यू 9.3% बढ़कर 18,555 करोड़ रुपये तक पहुंच गया।
इसके अलावा, फॉरेन एक्सचेंज कॉस्ट दस गुना बढ़कर 2,892 करोड़ रुपये हो गई, जो पिछले साल इसी तिमाही में 240 करोड़ रुपये थी। खर्च बढ़ने के कारण नेट लॉस में भी इजाफा हुआ।
इंडिगो की चुनौती
अब इंडिगो के लिए सबसे बड़ी चुनौती है फ्लाइट नेटवर्क को जल्द सामान्य करना और मार्केट में निवेशकों का विश्वास बनाए रखना।

