Stock Market News: हफ्ते की शुरुआत भारतीय शेयर बाजार के लिए बेहद खराब रही। सोमवार को कारोबार शुरू होते ही बाजार में जबरदस्त गिरावट देखने को मिली। वैश्विक स्तर पर बढ़ते जियोपॉलिटिकल तनाव, खासकर मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष और कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी।
लाख-करोड़ रुपये की वैल्यू साफ
सुबह करीब 10:50 बजे Nifty50 लगभग 693 अंक या करीब 2.8% की गिरावट के साथ 23,753.85 पर कारोबार कर रहा था। वहीं Sensex भी करीब 2,190 अंक टूटकर 76,728.71 के स्तर पर आ गया। बाजार में आई इस तेज बिकवाली के कारण कुछ ही मिनटों में बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों के कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन से करीब 12.39 लाख करोड़ रुपये की वैल्यू साफ हो गई।
सेंसेक्स के लगभग सभी प्रमुख शेयर लाल निशान में कारोबार करते दिखे। बैंकिंग और एविएशन सेक्टर पर खास दबाव रहा, जिसमें SBI और IndiGo के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई।
मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव
बाजार पर दबाव का सबसे बड़ा कारण मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव है, जिसने वैश्विक तेल बाजार को झटका दिया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमत 2022 के बाद पहली बार 114 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई। शुक्रवार को इसका बंद भाव 92.69 डॉलर था, यानी महज एक दिन में लगभग 23% की तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई।
विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल बाजार की दिशा बाहरी कारकों पर निर्भर रहेगी। ब्रोकिंग फर्मों के विश्लेषकों के अनुसार कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव, मिडिल ईस्ट के हालात और विदेशी निवेशकों की गतिविधियां इस हफ्ते बाजार की चाल तय करेंगी।
एशियाई बाजारों में भी गिरावट का असर
पिछले चार कारोबारी सत्रों में विदेशी संस्थागत निवेशकों ने भी भारतीय बाजार से करीब 21,000 करोड़ रुपये निकाल लिए हैं, जिससे बाजार का माहौल और कमजोर हुआ है। एशियाई बाजारों में भी गिरावट का असर देखने को मिला, जहां हांगकांग, जापान और दक्षिण कोरिया के प्रमुख इंडेक्स भी तेज गिरावट के साथ ट्रेड करते नजर आए।
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