Rupee new record low: वैश्विक तनाव के बीच भारतीय मुद्रा बाजार पर दबाव साफ दिखा। बुधवार को भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 92.02 के अब तक के सबसे निचले स्तर पर खुला। कारोबार की शुरुआत में ही रुपया 55 पैसे कमजोर हुआ और पहली बार 92 प्रति डॉलर के स्तर को पार कर गया। ईरान पर अमेरिका और इज़रायल के बढ़ते हमलों के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है, जिससे आयात पर निर्भर भारत पर अतिरिक्त दबाव पड़ा। साथ ही अनिश्चितता के माहौल में निवेशकों ने सुरक्षित माने जाने वाले डॉलर की ओर रुख किया, जिससे डॉलर की मांग बढ़ी और रुपये पर और दबाव बना।
इससे पहले जनवरी में दर्ज हुआ था रुपया का निचला स्तर
भारतीय करंसी सोमवार 2 मार्च को 91.47/$ पर बंद हुई थी, जबकि भारतीय बाज़ार मंगलवार को छुट्टी के कारण बंद थे। इससे पहले का सबसे निचला स्तर 91.9875 जनवरी में दर्ज किया गया था। तेल की बढ़ती कीमतों, बढ़ते जियोपॉलिटिकल तनाव और विदेशी फंड के बाहर जाने की वजह से करेंसी पर दबाव आया है।
विशेषज्ञ ने गिरावट का कारण ईरान संकट बताया
रिपोर्ट में एक विशेषज्ञ का दावा है कि ईरान संकट के बाद तेल की कीमतों में तेजी से रुपये में गिरावट आई क्योंकि इन्वेस्टर सेफ़-हेवन एसेट्स ढूंढ रहे थे। विदेशी कैपिटल के बाहर जाने और बढ़ते इंपोर्ट कॉस्ट की चिंताओं ने करेंसी पर और दबाव डाला।
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