IndiGO Share : देश में कपनी इंडिगो एयरलाइन को लेकर इस समय तनाव की स्थिति बनी हुई है। ये मामला इतना बड़ा हो गया कि सरकार को इसमें अपना हस्तक्षेप करना पड़ा और डीजीसीए ने कंपनी को नोटिस जारी किया। बीते एक सप्ताह से लगातार उड़ानें रद्द होने, देरी और यात्रियों की बढ़ती शिकायतों ने इंडिगो के प्रति बाजार में नकारात्मक माहौल बना दिया है। इसका सीधा असर कंपनी के शेयरों पर पड़ा, जो इंट्रा-डे कारोबार के दौरान 7% तक लुढ़क गए।
इंडिगो के शेयरों में बड़ी गिरावट
इंडिगो पिछले कुछ दिनों से उड़ान रद्द होने, देरी और यात्रियों की बढ़ती शिकायतों के कारण आलोचनाओं में रहा है, जिसका असर इसके शेयरों पर भी दिखा। निवेशकों की चिंता के बीच शेयरों में भारी गिरावट आई।
हालांकि एयरलाइन का कहना है कि वह उड़ानों की संख्या बढ़ाने और ऑन-टाइम परफॉर्मेंस सुधारने के लिए तेजी से काम कर रही है। इसी बीच, ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म जेफरीज ने मौजूदा संकट को निवेशकों के लिए “बेहतरीन खरीदारी का मौका” बताया है। फर्म ने इंडिगो के शेयर पर Buy रेटिंग देते हुए 7,025 रुपये का लक्ष्य रखा है, जो अभी के भाव से लगभग 31% की संभावित बढ़त दिखाता है। जेफरीज के मुताबिक, मौजूदा हालात के पीछे सरकार द्वारा किए गए नियमों में बदलाव और कुछ परिचालन कमियां जिम्मेदार हैं।
इंडिगो धीरे-धीरे अपनी सेवाओं को सामान्य करने की कोशिश कर रहा है। रविवार को एयरलाइन ने 1,650 उड़ानें संचालित कीं, जबकि एक दिन पहले यह संख्या 1,500 थी। एयरलाइन का ऑन-टाइम परफॉर्मेंस भी 30% से बढ़कर 75% तक पहुंच गया है। कुछ दिन पहले, 5 दिसंबर को, इंडिगो को एक ही दिन में 1,000 से ज्यादा उड़ानें रद्द करनी पड़ी थीं।
हालात को काबू में लाने के लिए, कंपनी ने वीकेंड में क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप (CMG) बनाया, जिसमें बोर्ड के प्रमुख सदस्य और वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। यह टीम लगातार मॉनिटरिंग कर रही है ताकि एयरलाइन जल्द से जल्द पूरी तरह पटरी पर लौट सके।

